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उत्तराखंड: विद्यार्थी मंथन में बोले CM धामी- युवा ही देश और उत्तराखंड का भविष्य, 2.67 लाख विद्यार्थियों ने भेजे विचार

कीर्तिनगर में मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम में सीएम धामी ने विद्यार्थियों से संवाद किया। 2,67,744 छात्रों ने ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ पर अपने विचार और निबंध भेजे।

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उत्तराखंड ब्यूरो
कीर्तिनगर, टिहरी गढ़वाल । हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर स्थित प्रेक्षागृह में ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ विषय पर मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशभर के विद्यार्थियों से संवाद किया और विकसित उत्तराखंड को लेकर उनके विचार, सुझाव और भविष्य की परिकल्पनाएं जानीं।मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उनका मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की ऊर्जा, सोच और विकसित उत्तराखंड के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उत्साहवर्धक है। प्रदेश की भावी पीढ़ी को सशक्त, आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना सरकार की प्राथमिकता है। युवाओं के विचार और सुझाव उत्तराखंड के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को मिला विद्यार्थियों का व्यापक समर्थन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को प्रदेशभर के विद्यार्थियों का व्यापक समर्थन मिला है। अभियान के तहत 2,67,744 विद्यार्थियों ने अपने निबंध और विचार भेजे हैं।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा व्यक्त किए गए विचार उत्तराखंड के विकास, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य के प्रति उनकी सोच और संकल्प को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों द्वारा लिखे गए निबंधों और उनके विचारों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने इतने अच्छे निबंध लिखे हैं कि यह निर्णय करना कठिन है कि किसने अच्छा और किसने बहुत अच्छा लिखा है।

रुद्रप्रयाग की छात्रा सीमा ने पलायन पर रखे विचार

रुद्रप्रयाग की कक्षा 11 की छात्रा सीमा सेमवाल ने पलायन विषय पर लिखे अपने निबंध के बारे में बताया कि उन्होंने इसे दो-तीन दिनों में लिखा। उन्होंने पलायन को विषय इसलिए चुना क्योंकि उन्होंने इसे स्वयं महसूस किया है।

इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में मुख्य रूप से दो प्रकार का पलायन देखा जाता है—स्थायी और अस्थायी पलायन। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार के लिए घर से दूर जाना हमेशा नकारात्मक नहीं होता। बाहर जाकर पढ़ने और सीखने से युवाओं को अच्छा अनुभव और एक्सपोजर मिलता है। हालांकि, पहाड़ों में माताओं और बहनों को अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद वे स्वयं कार्य कर रही हैं और अन्य लोगों को भी प्रेरित कर रही हैं।

‘पहाड़ रहें, अपने रहें, मेरे सपने रहें’

देवप्रयाग की छात्रा श्रेया सेमवाल ने ‘पहाड़ रहें, अपने रहें, मेरे सपने रहें’ विषय पर अपने विचार रखे। वहीं जीईसी पौड़ी की छात्रा प्रिया ने विकसित उत्तराखंड को लेकर अपने विचार साझा किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत तभी बनेगा, जब हर गांव, हर जिला और हर राज्य विकसित होगा।

‘मेरा पहाड़, मेरा रोजगार’ का संदेश

छात्रा तमन्ना ने पलायन और खेती से होने वाली कम आय की समस्या को रेखांकित करते हुए कहा—‘मेरा पहाड़, मेरा रोजगार, पत्थर की छाती पर बनेगा रोजगार।’

मुख्यमंत्री ने उनके विचार की सराहना करते हुए कहा कि यह बहुत सकारात्मक बात है। परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं, लेकिन संकल्प मजबूत होना चाहिए कि जीवन में कुछ बेहतर करना है।

सरकारी स्कूलों और अस्पतालों पर भरोसे का सवाल

छात्रा सृष्टि ने सरकारी स्कूलों और अस्पतालों पर लोगों के भरोसे से जुड़े सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे व्यक्तित्व साधारण परिवारों से निकलकर देश के सर्वोच्च पदों तक पहुंचे हैं।

उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए युवाओं को सजग रहना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जनपद और प्रदेश में क्या हो रहा है, इसकी जानकारी रखने का भी आह्वान किया।

पलायन रोकने और गांवों में सुविधाओं पर सीएम धामी का जोर

रुद्रप्रयाग की छात्रा अनुष्का ने पलायन रोकने से जुड़े विषय पर अपने विचार रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां कठिन हैं। इसके बावजूद गांव-गांव तक बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 500 से अधिक स्मार्ट क्लास संचालित किए जा रहे हैं और रिवर्स माइग्रेशन भी हो रहा है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनने का लक्ष्य रखें।

पर्यटन, पर्यावरण और चारधाम यात्रा पर विद्यार्थियों के सुझाव

कार्यक्रम में इशिका नेगी और गौरव बिष्ट ने पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और चारधाम यात्रा से जुड़े विषयों पर अपने सुझाव साझा किए। विद्यार्थियों ने विकसित उत्तराखंड के लिए इन क्षेत्रों में बेहतर कार्य की जरूरत पर अपने विचार रखे।

गांवों तक हेलीकॉप्टर एम्बुलेंस और कौशल विकास का सुझाव

छात्र मुकेश कुशवाहा ने स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए छोटे-छोटे गांवों तक हेलीकॉप्टर एम्बुलेंस जैसी सुविधा पहुंचाने का सुझाव दिया। उन्होंने विद्यालय स्तर पर कौशल विकास की ट्रेनिंग दिए जाने की भी बात रखी।

मुख्यमंत्री ने इसे अच्छा सुझाव बताते हुए कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवाओं को अपनी प्रतिभा और क्षमता का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

‘युवा ही देश और प्रदेश का भविष्य’

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा रखे गए सभी विचारों और सुझावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन उनके लिए विशेष है, क्योंकि उन्हें विद्यार्थियों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। विद्यार्थियों के विचारों से उनकी परिकल्पना, ज्ञान और भविष्य को लेकर उनकी सोच का पता चलता है। उन्होंने कहा कि सभी के भीतर आगे बढ़ने और कुछ बेहतर करने की तीव्र इच्छा दिखाई देती है।

2047 के भारत में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का भविष्य युवा हैं और भविष्य का उत्तराखंड एवं भारत युवाओं के सपनों, संकल्प और मेहनत से बनेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में भारत कैसा हो, उसमें युवाओं का क्या योगदान हो, उनकी क्या भूमिका हो और व्यवस्थाएं कैसी होनी चाहिए—इन सभी विषयों पर युवाओं की सोच महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि इस विकास यात्रा में प्रत्येक युवा की भूमिका अहम है। प्रदेश के युवा विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य कर रहे हैं।

टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में युवाओं को आगे बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में युवाओं की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री युवा योजना जैसे प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं युवाओं की प्रतिभा को रोकने वाले नकल माफियाओं के विरुद्ध सरकार द्वारा सख्त कानून बनाए गए हैं।

कार्यक्रम में प्रतिभागियों और अधिकारियों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान अदिति गौतम ने मुख्यमंत्री को उनकी बनाई हुई एक चित्रकृति भेंट की। बेहतर सहभागिता के लिए नोडल अधिकारी शिक्षक अंकुश को सम्मानित किया गया।

वहीं रुद्रप्रयाग जनपद से निबंध में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत भागीदारी के लिए जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा को भी सम्मानित किया गया।

विद्यार्थियों से निरंतर मेहनत करने का आह्वान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपने सपनों को लक्ष्य बनाकर निरंतर मेहनत करें और प्रदेश तथा देश के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

ये अधिकारी और शिक्षक रहे मौजूद

कार्यक्रम का संचालन नेहा अग्रवाल और डॉ. राहुल अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

इस मौके पर जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी श्वेता चौबे और सीडीओ वरुणा अग्रवाल सहित संबंधित अधिकारी एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन के मुख्य बिंदु

  • कार्यक्रम: मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन
  • विषय: ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’
  • स्थान: चौरास परिसर, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, कीर्तिनगर
  • कुल विद्यार्थियों की भागीदारी: 2,67,744
  • प्रमुख मुद्दे: पलायन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और पर्यावरण
  • सीएम का संदेश: युवा देश और प्रदेश का भविष्य हैं
  • लक्ष्य: विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के निर्माण में युवाओं की भागीदारी
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