शिवसागर (असम)। असम के शिवसागर जिले में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद विद्यार्थियों की शिक्षा को निरंतर बनाए रखने के लिए भारतीय किसान संघ (BKS) ने एक अनुकरणीय मानवीय पहल की है. किसान संघ के नेतृत्व में जिले की 15 अन्य सामाजिक संस्थाओं और सेउजी बसुंधरा बहुमुखी सहकारी समिति के साझा सहयोग से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के 7,000 छात्र-छात्राओं को निःशुल्क स्कूल यूनिफॉर्म, नोटबुक, पेन बंडल, स्कूल बैग और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्रियां वितरित की जा रही हैं. अब तक क्षेत्र के 100 से अधिक शिक्षण संस्थानों में यह वितरण कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है.
हाल ही में आई भीषण बाढ़ के कारण जिले के सैकड़ों परिवारों के आशियाने उजड़ गए, कृषि भूमि जलमग्न हो गई और दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया था. इस आपदा का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा था. ऐसे संकट के समय बच्चों का मनोबल बढ़ाने और उनकी पढ़ाई को बिना रुकावट जारी रखने के लिए इस अभियान को धरातल पर उतारा गया है.

विभिन्न विद्यालयों में बांटी गईं 230 जोड़ी यूनिफॉर्म; सोमवार को 120 अन्य को मिलेगा लाभ
अभियान के तहत आयोजित वितरण कार्यक्रम में आज बेतबारी क्षेत्र के शंकरदेव शिशु विद्या निकेतन में 120 जोड़ी, जयरापार मध्य असमिया विद्यालय में 40 जोड़ी, कोआमरा संदिकै प्राथमिक विद्यालय में 30 जोड़ी तथा देवबिल बनुवा प्राथमिक विद्यालय में 40 जोड़ी सहित कुल 230 छात्र-छात्राओं को विद्यालय यूनिफॉर्म प्रदान की गईं.
संगठन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आगामी सोमवार को रजबारी प्राथमिक विद्यालय और जयरापार जनकल्याण प्राथमिक विद्यालय में 120 अन्य जरूरतमंद विद्यार्थियों के बीच यूनिफॉर्म और अध्ययन सामग्री का वितरण किया जाएगा.
“बाढ़ त्रासदी के चलते परिवारों की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है और कई बच्चों की किताबें-कपड़े बह गए थे। भारतीय किसान संघ और सामाजिक संस्थाओं की इस पहल ने बच्चों के चेहरे पर फिर से मुस्कान ला दी है। यह केवल सामग्री का वितरण नहीं, बल्कि समाज के भविष्य को संवारने का संकल्प है।” – स्थानीय विद्यालय के शिक्षक
शिवसागर छात्र राहत अभियान के मुख्य बिंदु
| राहत अभियान मानक | विस्तृत विवरण एवं आंकड़े |
|---|---|
| कुल लक्षित छात्र संख्या | बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के 7,000 विद्यार्थी. |
| आच्छादित शिक्षण संस्थान | 100 से अधिक स्कूल और शैक्षणिक केंद्र. |
| वितरित की जा रही सामग्री | स्कूल यूनिफॉर्म, नोटबुक, पेन बंडल, स्कूल बैग एवं स्टेशनरी. |
| प्रमुख सहयोगी संस्थाएं | भारतीय किसान संघ, सेउजी बसुंधरा बहुमुखी सहकारी समिति व 15 अन्य स्थानीय संस्थाएं. |
शिक्षा के साथ-साथ किसानों को धान की पौध और पशु आहार का भी सहारा
संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं ने आपदा की इस घड़ी में आगे बढ़कर सहयोग करने के लिए भारतीय किसान संघ और सेउजी बसुंधरा बहुमुखी सहकारी समिति के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया है.

जमीनी स्तर पर बहुआयामी राहत कार्य:
- किसानों को दोबारा रोपाई में मदद: इससे पूर्व किसान संघ के सहयोग से सहकारी समिति द्वारा प्रभावित किसानों को धान की पौध (पैडी सैपलिंग) वितरित की गई थी ताकि वे फिर से खेती शुरू कर सकें.
- पशुधन संरक्षण: बाढ़ में चारे के संकट को देखते हुए पशुपालकों के बीच निःशुल्क सूखा व हरा पशु आहार वितरित किया गया.
- सामाजिक सहभागिता: अन्नदाता और विद्यार्थियों दोनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने के इस सेवा भाव की स्थानीय जनमानस में भूरि-भूरि प्रशंसा की जा रही है.
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि भारतीय किसान संघ की यह सामाजिक जिम्मेदारी आपदा प्रबंधन में जनसहयोग का एक आदर्श मॉडल बनकर उभरी है, जिससे बच्चों की शिक्षा बिना किसी आर्थिक बाधा के फिर से पटरी पर लौट रही है.












