पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज 2026 के तीसरे चरण में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले की शीतल ने अहमदाबाद में आयोजित महिला कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए यह उपलब्धि हासिल की। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार (11 सितंबर) को शीतल देवी को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई देते हुए उनकी उपलब्धि को पूरे देश के लिए गर्व का क्षण बताया।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री ने पैरा तीरंदाज शीतल देवी को विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज 2026 के तीसरे चरण में स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि महिला कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण और कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीतना पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। उमर अब्दुल्ला ने शीतल को भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके निरंतर सफलता की कामना भी की।
कजाकिस्तान की आइजादा को दी करारी शिकस्त
विश्व नंबर-1 शीतल देवी का कजाकिस्तान की आइजादा सेइदान के साथ रोमांचक मुकाबला हुआ। दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर हुई। अपने शुरुआती राउंड में दोनों तीरंदाजों ने परफेक्ट 30 स्कोर किए और दूसरे राउंड के बाद स्कोर 59-59 से बराबरी पर था। तीसरे राउंड में आइजादा ने 28 और शीतल ने 27 स्कोर किए, जिससे आइजादा को एक प्वाइंट की बढ़त मिल गई। चौथा राउंड 29-29 पर बराबरी पर छूटा, जिससे भारतीय खिलाड़ी अंतिम राउंड में एक प्वाइंट्स से पीछे थीं। शीतल ने दबाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 29 स्कोर किए, जबकि आइजादा ने 28 स्कोर किया। इससे स्कोर 144-144 से बराबर हो गया और मुकाबला शूटऑफ में चला गया। रोमांचक शूटऑफ में शानदार संयम दिखाते हुए भारतीय तीरंदाज ने कजाकिस्तान की खिलाड़ी को शिकस्त देकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
दोनों हाथ नहीं होने के बावजूद तीरंदाजी को अपनी ताकत बनाया
शीतल की इस जीत की खास बात यह भी है कि उन्होंने अपने घरेलू दर्शकों के सामने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। अहमदाबाद में बड़ी संख्या में मौजूद दर्शकों ने मुकाबले के दौरान उनकी हौसलाफजाई की। शीतल का जन्म 10 जनवरी 2007 को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के एक गांव में हुआ था। जन्म से दोनों हाथ नहीं होने के बावजूद उन्होंने तीरंदाजी को अपनी ताकत बनाया। वह अपने पैरों और शरीर की मदद से तीरंदाजी करती हैं। बेहद कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली शीतल अब पैरा तीरंदाजी की दुनिया में भारत की सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल हैं। वह विश्व चैंपियन भी रह चुकी हैं और विश्व नंबर-1 रैंकिंग हासिल कर चुकी हैं।











