बलरामपुर (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के उतरौला थाना क्षेत्र से मतांतरण और लव जिहाद का एक अत्यंत रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है. जेल में बंद कुख्यात कन्वर्जन माफिया छांगुर पीर के सिंडिकेट का नेटवर्क अब भी बाहर पूरी सक्रियता से काम कर रहा है. इस कन्वर्जन गिरोह के गुर्गे एजाज खान ने हिंदू (यादव) युवती को हाथ में कलावा बांधकर और अपना नाम ‘राजू’ बताकर प्रेमजाल में फंसाया, वर्षों तक दुष्कर्म किया, फिर बंधक बनाकर जबरन गोमांस खिलाया और उसका जबरन इस्लामी नामकरण करा दिया.
पीड़िता की लगातार शिकायतों के बावजूद जब स्थानीय स्तर पर हीलाहवाली हुई, तो अंततः डीआईजी (DIG) रेंज देवीपाटन के कड़े हस्तक्षेप के बाद आरोपी एजाज खान के खिलाफ शुक्रवार (4 सितंबर 2026) को गंभीर धाराओं में मुकदमा (FIR) दर्ज कर लिया गया है.
खलीउल्लाह अस्पताल से शुरू हुआ लव जिहाद, फिर खेला ब्लैकमेलिंग का गंदा खेल
मूल रूप से अम्बेडकरनगर जिले की रहने वाली पीड़िता ने दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बताया कि लगभग एक दशक पूर्व वह उतरौला स्थित खलीउल्लाह अस्पताल में नौकरी करने आई थी. इसी अस्पताल में एम्बुलेंस चलाने वाला एजाज खान कलावा बांधकर रहता था और उसने खुद को ‘राजू’ बताकर पीड़िता से नजदीकियां बढ़ाईं.
आरोप है कि एजाज ने धोखे से नजदीकी बढ़ाकर पीड़िता के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए और चुपके से आपत्तिजनक फोटो व वीडियो बना लिए. इसके बाद वह पीड़िता को ब्लैकमेल करते हुए पुणे और बेंगलुरु जैसे महानगरों में ले गया, जहाँ कुख्यात छांगुर पीर नेटवर्क की जड़ें पूर्व में भी जांच एजेंसियों द्वारा ट्रेस की जा चुकी हैं. लगातार प्रताड़ना और दुष्कर्म के चलते पीड़िता दो बेटियों की मां बन गई.
कोडवर्ड में चलता था मौलाना छांगुर का गंदा खेल: लड़कियां थीं ‘प्रोजेक्ट’, ‘काजल’ लगाओ, ‘दर्शन’ कराओ
“आरोपी ने मुझे उतरौला के हुसैनाबाद बाजार में किराए के कमरे में बंधक बनाकर रखा। जब उसने अपना असली नाम एजाज खान बताया और मुझ पर इस्लाम कबूलने का दबाव डाला, तो विरोध करने पर छांगुर पीर गिरोह का खौफ दिखाकर टुकड़े-टुकड़े करने की धमकी दी। पहचान पत्रों में जबरन मेरा मुस्लिम नाम दर्ज करा दिया गया और मुझे गोमांस खाने पर मजबूर किया गया।” – पीड़िता की शिकायत के अंश
एक नजर में समझें बलरामपुर कन्वर्जन कांड के मुख्य बिंदु
मामले का पहलू | प्राथमिकी एवं जांच का मुख्य ब्योरा |
|---|---|
| घटनास्थल / थाना | उतरौला थाना क्षेत्र, हुसैनाबाद बाजार एवं खलीउल्लाह अस्पताल (बलरामपुर). |
| मुख्य नामजद आरोपी | एजाज खान (फर्जी नाम: राजू), निवासी उतरौला. |
| संगठित सिंडिकेट लिंक | जेल में बंद कुख्यात छांगुर पीर कन्वर्जन गिरोह और एक संदिग्ध स्थानीय प्रॉपर्टी डीलर. |
| गंभीर आरोप | पहचान छिपाकर दुष्कर्म, बंधक बनाना, पहचान पत्र में नाम बदलवाना, जबरन गोमांस खिलाना, हत्या की धमकी. |
| कानूनी कार्रवाई | डीआईजी देवीपाटन रेंज के आदेश पर एफआईआर (FIR) दर्ज; आरोपी की तलाश तेज. |
बेटियों की हत्या की धमकी के बाद जान बचाकर भागी पीड़िता, DIG के हस्तक्षेप से हुई कार्रवाई
आरोपी एजाज खान की प्रताड़ना यहीं नहीं थमी. उसने पीड़िता के साथ-साथ उसकी दोनों मासूम बच्चियों को जान से मारने की धमकियां देना शुरू कर दिया. किसी तरह अपनी और बच्चियों की जान बचाकर पीड़िता कमरे से भागी और अपनी एक परिचित के यहां शरण ली.
- जांच एजेंसियों के रडार पर संदिग्ध प्रॉपर्टी डीलर: आरोपी एजाज का संपर्क एक ऐसे स्थानीय प्रॉपर्टी डीलर से सामने आया है, जिसका नाम पूर्व में छांगुर पीर मामले की STF व ATS जांच के दौरान उछला था.
- व्हाट्सएप पर लगातार धमकियां: एफआईआर दर्ज होने तक आरोपी पीड़िता को लगातार व्हाट्सएप संदेशों के जरिए मुंह बंद रखने और अंजाम भुगतने की धमकियां देता रहा.
- सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश: डीआईजी रेंज देवीपाटन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और पूरे नेटवर्क की पड़ताल करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं.
उल्लेखनीय है कि देश के सबसे बड़े कन्वर्जन सिंडिकेट का संचालन करने वाले कुख्यात छांगुर पीर का नेटवर्क जेल जाने के बाद भी किस प्रकार धरातल पर सक्रिय है, यह मामला उसकी बानगी है. पुलिस अब आरोपी एजाज खान की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है और अस्पताल प्रबंधन से लेकर सिंडिकेट के अन्य सहयोगियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है.











