
नई दिल्ली/पटना: बिहार में बाढ़ के कारण हाहाकार मचा हुआ है। 14 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। 35 .89 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभावित 14 जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल शामिल हैं। इन जिलों के 82 प्रखंडों की 491 ग्राम पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं।
हालांकि कुछ इलाकों में अब पानी का स्तर कम हो रहा है। जबकि कई इलाकों में अब भी मुश्किल बनी हुई है। बाढ़ के कारण पटना से लेकर भागलपुर तक कई इलाकों में हालात चिंताजनक हैं। भागलपुर में गंगा का पानी नेशनल हाईवे-80 पर पहुंच गया है। पटना में गंगा और सोन नदियों के जलस्तर में कमी आई है। लेकिन गंगा अभी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। पुनपुन नदी के बढ़े पानी से दक्षिणी पटना प्रभावित है। श्रीपालपुर में यह खतरे के निशान से 2.95 मीटर ऊपर बह रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबित, बिहार में गंगा, गंडक, सोन, पुनपुन समेत अन्य नदियों की बाढ़ ने 14 जिलों में करीब एक लाख हेक्टेयर में लगी फसल को नुकसान पहुंचाया है। सर्वाधिक क्षति पटना, भागलपुर, वैशाली और खगड़िया जिले में हुई है, जहां धान, मक्का और सब्जी के साथ ही उद्यानिक फसलें नष्ट हो गई हैं। पटना, वैशाली और भागलपुर के दियारा इलाके में मक्का, सब्जी और केला की खेती को काफी नुकसान हुआ है। पटना जिले में सिर्फ पुनपुन नदी की बाढ़ से 10 हजार 101 एकड़ में लगी फसल को नुकसान पहुंचा है। कृषि निदेशक मुकेश कुमार लाल का कहना है कि अब तक लगभग एक लाख हेक्टेयर में क्षति अनुमानित है।