देहरादून। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा ने राहुल गांधी के झूठे जातिवादी बयानों के विरोध में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए प्रदेश भर में उनका पुतला दहन किया है। मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष बलबीर घुनियाल ने कहा कि कांग्रेस, देश दुनिया में देवभूमि को बदनाम कर उसकी छवि खराब करने का पाप कर रही है।
घुनियाल ने कहा कि राहुल गांधी देवभूमि उत्तराखंड के नागरिकों एवं भाजपा पर भ्रामक और झूठे आरोप लगा रहे हैं तथा उत्तराखंडवासियों को जातिवादी बताकर देश-दुनिया में बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे सैनिक बहुल उत्तराखंड की गरिमा को ठेस पहुंच रही है। यह वह राज्य है, जिसके वीर जवान देश की आन, बान और शान के लिए सदैव समर्पित रहे हैं तथा अनेक वीरों ने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के कथित षड्यंत्रपूर्ण एवं असत्य बयानों का मुंहतोड़ जवाब देने तथा उत्तराखंड की अस्मिता और गरिमा की रक्षा के लिए पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन किया गया है। कांग्रेस को राजनीतिक लाभ के लिए उत्तराखंड की सामाजिक संरचना और प्रदेशवासियों की भावनाओं को लेकर भ्रामक प्रचार करने से बचना चाहिए। जबकि श्रीराम सेना धर्मार्थ न्यास की ओर से भी स्पष्ट किया गया है कि संबंधित कार्यक्रम के पीछे किसी भी प्रकार की दलित विरोधी भावना नहीं थी।
राजनैतिक अवसर मानकर बांटने की कोशिश में कांग्रेस : चमोली
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एवं विधायक विनोद चमोली ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी उत्तराखंड की सामाजिक समरसता को लेकर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस तुष्टिकरण और सामाजिक समरसता पर चोट पहुंचाने की कोशिश में है। प्रदेश की जनता ने कभी जाति, धर्म अथवा वर्ग के आधार पर किसी को बांटने की राजनीति को स्वीकार नहीं किया है।
चमोली ने कहा कि आज जब पूरी दुनिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति की पताका लहरा रही है, तब कांग्रेस छुआछूत और जातिवाद जैसे मुद्दों को जबरन राजनीतिक रंग देकर समाज में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। चुनाव नजदीक देखकर ऐसे विषयों को अनावश्यक रूप से तूल देकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा कभी भी जाति, धर्म या वर्ग के आधार पर समाज को बांटने का कार्य नहीं करती और न ही ऐसी किसी गतिविधि का समर्थन करती है। भाजपा का प्रयास सदैव समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर विकास और सामाजिक समरसता के मार्ग पर आगे बढ़ने का रहा है। उन्होंने कहा कि रामलीला से जुड़े विवाद में कथित रूप से “अल्लाह-हू-अकबर” के नारे लगाए जाने को लेकर कांग्रेस नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठते हैं। अब अपने राजनीतिक असहज सवालों से ध्यान हटाने के लिए कांग्रेस सनातन समाज को बांटने का प्रयास कर रही है।












