नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ ने सैकड़ों जिंदगियां खत्म हो गई। लेकिन, इसी बाढ़ में भारतीय-अमेरिकी दंपति अंजना राजा और पट्टाभिराम वेंकटेशन बाल-बाल बच गए। उनके बेटे विक्रम रवि ने इस घटना के बारे में बताया। उस भयानक तबाही में बाल-बाल बचे दंपति ने कहा कि हमें भगवान शिव ने बचाया है।
दंपति तिब्बत की यात्रा पर थे
अंजना राजा और पट्टाभिराम वेंकटेशन तिब्बत की तीर्थ यात्रा पर गए हुए थे। उनका टूर बस एक जगह खड़ी थी। तभी उन्होंने पानी का एक बड़ा पहाड़ अपनी तरफ आता देखा। अंजना ने इसे सुनामी जैसा बताया। पट्टाभिराम ने सीबीएस न्यूज को कहा कि यह पानी करीब 60-70 फीट ऊंचा लग रहा था। काला-काला दिख रहा था। उन्हें लगा कि यह पानी नहीं, बल्कि जंगल की आग है।
बस से कूदकर भागे
अंजना ने अपने पति का कॉलर पकड़कर खींचा और कहा – भागो! दोनों बस से कूद गए। रास्ते में उन्हें घर गिरते दिखे। अंजना ने बताया कि उन्होंने मौत को अपनी आंखों के सामने देखा।
पहाड़ पर चढ़े
एक गाइड ने उन्हें पास के पहाड़ की चोटी पर एक समतल जगह तक पहुंचाया। चढ़ाई बहुत मुश्किल थी। रास्ता संकरा था, फिसलन भरा था, कीचड़, पत्थर और चट्टानें थीं। अंजना ने कहा कि इतनी ऊंचाई पर वे कैसे चढ़ गए, उन्हें खुद नहीं पता।
रात बकरी के शेड में गुजारी
वे रात बकरी के शेड में रहे। वहां अन्य बचे हुए पर्यटक और स्थानीय लोग भी थे। अगले दिन उन्हें हेलीकॉप्टर से निकाला गया। टूर बस में सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए। विक्रम रवि बिस्तर पर आराम कर रहे थे जब उनकी मां का फोन आया। अंजना की पहली बात थी – शिव ने हमें बचाया। वे रो रही थीं। विक्रम ने सीएनएन को बताया कि वे बहुत राहत महसूस कर रहे हैं क्योंकि माता-पिता खुद बता सके कि वे सुरक्षित हैं। अंजना ने कहा कि घर लौटकर सबसे पहले वे बच्चों को गले लगाएंगी। वे उन्हें जीवन को गंभीरता से लेने की बात भी कहेंगी।
















