दिल्ली हाईकोर्ट आज पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आबकारी नीति मामले में मिली जमानत को चुनौती देने वाली ईडी की याचिका पर सुनवाई करेगा। यह मामला 2021-22 की दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा है। याचिका साल 2024 में दाखिल की गई थी और इसे न्यायमूर्ति मनोज जैन की बेंच के सामने सूचीबद्ध किया गया है।
केस की पृष्ठभूमि क्या है?
प्रवर्तन निदेशालय ने केजरीवाल को इस मामले में गिरफ्तार किया था। आरोप है कि आबकारी नीति में बदलाव के दौरान अनियमितताएं हुईं और कुछ लाइसेंसधारियों को अनुचित फायदा पहुंचाया गया। इस नीति को साल 2022 में रद्द कर दिया गया था। तब के उपराज्यपाल ने नीति बनाने और लागू करने में अनियमितताओं व भ्रष्टाचार की जांच के लिए सीबीआई को आदेश दिया था। उसके बाद एजेंसियों ने अपनी जांच शुरू की।
ट्रायल कोर्ट से मिली जमानत
20 जून 2024 को ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल को एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी थी। ईडी ने इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने उस वक्त ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश
इसके बाद 12 जुलाई 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को अंतरिम जमानत दे दी। साथ ही धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तारी की जरूरत और अनिवार्यता से जुड़े तीन सवालों को बड़ी पीठ के पास भेज दिया था।
हाईकोर्ट में आगे की कार्रवाई
14 अक्टूबर 2025 को हाईकोर्ट ने ईडी को इस मामले में बहस करने का आखिरी मौका दिया था। केजरीवाल के वकीलों ने इससे पहले ईडी की तरफ से बार-बार स्थगन मांगने का विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि एजेंसी बिना किसी ठोस वजह के मामले को लंबा खींच रही है।
आज की सुनवाई
अब सोमवार को हाईकोर्ट ईडी की याचिका पर सुनवाई करेगा। याचिका में ईडी ने 20 जून 2024 को मिली जमानत पर रोक लगाने की मांग की है। अदालत इस बात पर गौर करेगी कि ट्रायल कोर्ट का जमानत आदेश सही था या नहीं। मामले से जुड़े मुख्य बिंदु यही हैं कि आबकारी नीति से जुड़े आरोप, ट्रायल कोर्ट की जमानत, हाईकोर्ट में ईडी की चुनौती और सुप्रीम कोर्ट का पहले का अंतरिम आदेश शामिल हैं। आज की सुनवाई इन्हीं मुद्दों पर केंद्रित रहेगी।

















