संसद मानसून सत्र: FCRA विधेयक पर चर्चा की संभावना, अमित शाह दे सकते हैं बयान
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संसद मानसून सत्र: FCRA विधेयक पर चर्चा की संभावना, अमित शाह दे सकते हैं बयान

मानसून सत्र में विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम यानी FCRA संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा होने की उम्मीद। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में बयान दे सकते हैं। जानें विधेयक का मकसद, विपक्ष की मांगें और जंतर-मंतर मुद्दा।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Aug 6, 2026, 09:04 am IST
inभारत
प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

संसद के मानसून सत्र में आज विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम यानी एफसीआरए संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा होने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह इस मुद्दे पर सदन में अपना बयान दे सकते हैं। इस बीच विपक्ष इस मामले को लेकर हंगामा करने के मूड में है।

सरकार की तैयारी

सरकार इस विधेयक को संसद में पेश कर चर्चा और पास कराने की योजना बना रही है। यह अमित शाह का मौजूदा संसदीय गतिरोध के बीच पहला बड़ा भाषण हो सकता है। संसद में परिसीमन को लेकर भी काफी गतिरोध चल रहा है। राहुल गांधी सरकार को लगातार घेर रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: निवेश का लालच देकर 88 करोड़ की धोखाधड़ी कर विदेश भागे ठग और उसकी पत्नी को लाया गया भारत

विधेयक का मकसद क्या है

एफसीआरए विधेयक का उद्देश्य विदेशी फंडिंग के नियमों को और सख्त बनाना, पारदर्शिता बढ़ाना और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना बताया जा रहा है। इसमें एनजीओ और संगठनों के लिए सख्त पंजीकरण, ऑडिट, रिपोर्टिंग और संपत्ति से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।

विपक्ष की मांगें

विपक्ष ने संसद में अन्य मुद्दों पर भी अमित शाह के बयान की मांग की है। इसके चलते सदन का कामकाज प्रभावित हो रहा है। बावजूद इसके सरकार मानसून सत्र में ही इस बिल को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात में एफसीआरए संशोधन विधेयक पर अमित शाह के बोलने का प्रस्ताव रखा है।

गतिरोध का कारण

मानसून सत्र के दौरान दोनों सदनों में अमित शाह की अनुपस्थिति को मुद्दा बनाकर विपक्ष संसद नहीं चलने दे रहा है। साथ ही जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की ज्यादती को लेकर गृह मंत्री के बयान की मांग कर रहा है।

पिछले ढाई हफ्ते से संसद के अंदर चल रहे गतिरोध को तोड़ने की कोशिश सरकार की तरफ से शुरू हुई है। इसके तहत गृह मंत्री की अनुपस्थिति और जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की ज्यादती के आरोपों पर बयान की विपक्ष की मांग पर बीच का रास्ता निकालते हुए सरकार ने एफसीआरए पर अमित शाह के बोलने का भरोसा दिया है।

जंतर-मंतर का मामला

जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट कर रहा है। कोर्ट ने कहा है कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा करने वाले अपराधियों और छात्रों पर ज्यादती करने वाले पुलिसकर्मियों में से किसी को नहीं छोड़ा जाएगा। आज सदन में परिसीमन और FCRA विधेयक दोनों मुद्दों पर नजरें टिकी हुई हैं।

Topics: विदेशी फंडिंग नियमFCRA संशोधन विधेयक 2026अमित शाह बयान संसदसंसद मानसून सत्र
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
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