लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा प्रकरण और राज्य विधानसभा में विपक्ष के जारी हंगामे को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर चौतरफा हमला बोला है. मंगलवार को विधानसभा भवन के पोर्टिको में पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने अतीत में रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं और भगवान श्रीराम व श्रीकृष्ण के अस्तित्व पर सवाल खड़े किए, वे आज सनातन और आस्था की बात कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े मामले की शुरुआती जांच और एसआईटी (SIT) रिपोर्ट में किसी भी साधु-संत की संलिप्तता नहीं मिली है. इसके बावजूद विपक्ष तथ्यों को तोड़-मरोड़कर सनातन धर्म, अयोध्या धाम और भव्य मंदिर को विश्वस्तर पर बदनाम करने का षड्यंत्र रच रहा है.
“सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले पर सदन में सपा का आचरण अलोकतांत्रिक”
सदन की कार्यवाही बाधित करने और वेल में आकर प्लेकार्ड लहराने पर समाजवादी पार्टी को आड़े हाथ लेते हुए सीएम योगी ने कहा कि सपा का उद्देश्य केवल भ्रम फैलाना और प्रदेश की सकारात्मक छवि को नुकसान पहुंचाना है.
उन्होंने कहा कि नियमतः जो विषय किसी न्यायालय या आयोग के समक्ष विचाराधीन हो, उस पर चर्चा नहीं होती. इसके बावजूद सपा ने कार्य मंत्रणा समिति में दिए अपने आश्वासन को तोड़कर न केवल पीठ की अवमानना की, बल्कि सुप्रीम कोर्ट की प्रक्रिया का भी अपमान किया.
“अध्यक्ष पीठ की अवमानना, मार्शलों से धक्का-मुक्की और संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करना समाजवादी पार्टी का पुराना शगल रहा है। ‘हल्ला बोल’ जिसकी कार्यशैली हो, वह पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास नहीं कर सकती।” – योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
जानिए अयोध्या मंदिर चढ़ावा प्रकरण में जांच व कार्रवाई का पूरा ब्योरा
| पहलू / चरण | राज्य सरकार एवं SIT द्वारा की गई कार्रवाई |
|---|---|
| ट्रस्ट का अनुरोध (12 जून) | श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मीडिया खबरों का संज्ञान लेकर SIT जांच का आग्रह किया. |
| SIT का गठन (13 जून) | यूपी सरकार ने तत्काल विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर विस्तृत जांच शुरू की. |
| FIR व गिरफ्तारियां (25 जून) | अंतरिम रिपोर्ट के बाद एफआईआर दर्ज; कुल 8 लोग गिरफ्तार (6 सीधे शामिल, 2 जिम्मेदार कर्मचारी). |
| साधु-संतों की स्थिति | जांच में किसी भी संत-महात्मा, पुजारी या भाजपा का कोई संबंध या संलिप्तता नहीं पाई गई. |
| माननीय उच्चतम न्यायालय | वर्तमान में मामला सुप्रीम कोर्ट की सीधी देखरेख में पुनर्गठित SIT द्वारा जांचा जा रहा है. |
“कांग्रेस और सपा का इतिहास सनातन विरोधी”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा और कांग्रेस के अतीत का जिक्र करते हुए उनके दोहरे रवैये पर कड़ा प्रहार किया.
मुख्यमंत्री के संबोधन के प्रमुख राजनीतिक बिंदु:
- 1990 का गोलीकांड: सीएम ने कहा कि क्या देश यह भूल सकता है कि 1990 में अयोध्या की गलियों और सरयू नदी को रामभक्तों के खून से रंगा गया था?
- कांग्रेस का रामसेतु हलफनामा: सीएम ने कहा- सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर भगवान राम और श्रीकृष्ण को ‘मिथक’ बताने वाली कांग्रेस किस मुंह से आस्था की बात करती है?
- कर्मचारियों का अपमान: सीएम ने कहा- 1100 से अधिक कर्मचारी मंदिर परिसर में दिन-रात श्रद्धालुओं की सेवा कर रहे हैं, कुछ दोषियों के कारण पूरी व्यवस्था और संतों को कटघरे में खड़ा करना निंदनीय है.
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार सनातन धर्म की पवित्रता और अयोध्या धाम की मर्यादा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.











