पाकिस्तान अधिक्रांत कश्मीर (POJK) के आम नागरिकों पर कहर बरपा रहे पाकिस्तान ने वहां से अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भटकाने के लिए खौफनाक चाल चली है। इसके तहत वो कश्मीर में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है। इसके तहत जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार शाम को पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने एक प्रवासी मजदूर की गोली मारकर हत्या कर दी। एक दूसरे मजदूर को भी गोली लगी और वह घायल हो गया। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में हो रहे विरोध प्रदर्शनों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए यह हमला करवाया गया है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आतंकियों ने सूर्यास्त के बाद प्रवासी मजदूरों पर फायरिंग की। अंधेरे का फायदा उठाकर वे भाग निकले। इस हमले के पीछे लश्कर-ए-तैयबा के फ्रंट संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) का हाथ होने का शक है। सुरक्षा बलों ने तुरंत पूरे इलाके को घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू कर दिया। घायल मजदूर को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यह दक्षिण कश्मीर में चार साल बाद प्रवासी मजदूरों पर हुआ पहला हमला बताया जा रहा है। 22 जुलाई के बाद कश्मीर घाटी में यह दूसरी टारगेटेड किलिंग है।
पाकिस्तान पीओके से ध्यान भटकाना चाहता है: विशेषज्ञ
यह हमला उसी समय हुआ है जब पीओके में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। रावलाकोट, मुजफ्फराबाद और मीरपुर जैसे इलाकों में हजारों लोग महंगाई, बिजली कटौती और सैन्य दमन के खिलाफ सड़कों पर उतरे हुए हैं। वहां आजादी के नारे भी लग रहे हैं।
सुरक्षा और खुफिया विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान और उसकी जासूसी एजेंसी पीओके में बढ़ते असंतोष को लेकर काफी परेशान है। पूर्व पुलिस प्रमुख एसपी वैद ने कहा कि कश्मीर में ऐसे हमले करके वे पीओके से ध्यान भारत की ओर मोड़ना चाहते हैं। साथ ही जम्मू-कश्मीर में भय का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
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उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान कश्मीर में चल रही शांति और सामान्य स्थिति को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा। इसलिए वह अपने आतंकी प्रॉक्सी को निर्दोष और निहत्थे नागरिकों पर हमला करने के लिए उकसा रहा है।
इस साल कश्मीर में स्थिति में काफी सुधार देखा गया था। अमरनाथ यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और पर्यटन क्षेत्र भी अच्छी वापसी कर रहा था। कुलगाम हमले के बाद दक्षिण कश्मीर में, खासकर यात्रा मार्गों और प्रवासी मजदूरों वाले इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हमलावरों की तलाश अभी भी जारी है।












