
कुलगाम / श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के केलम (Kelam) इलाके में शुक्रवार को आतंकवादियों ने दो गैर-स्थानीय प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ गोलीबारी की. पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने इस कायराना हमले की जिम्मेदारी ली है.
पुलिस अधिकारी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आतंकियों की गोलीबारी में एक मजदूर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरा मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया. घायल को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है. घटना के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की सख्त घेराबंदी कर आतंकियों की धरपकड़ के लिए व्यापक तलाशी अभियान (Search Operation) शुरू कर दिया है.
इस बर्बर आतंकी वारदात के बाद जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा (Manoj Sinha) ने मध्य प्रदेश के महू स्थित ‘आर्मी वॉर कॉलेज’ के ‘हायर कमांड कोर्स-5’ में शामिल हो रहे वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और फैकल्टी सदस्यों को संबोधित करते हुए केंद्र शासित प्रदेश के सुरक्षा हालात पर महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए.
उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए पूरी सरकार की एकीकृत रणनीति (Whole-of-Government Approach) पर काम किया जा रहा है.
“जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को जिंदा रखने की कोशिश करने वाले ‘टेरर इकोसिस्टम’ और संघर्ष से मुनाफा कमाने वाले ‘कॉन्फ्लिक्ट एंटरप्रेन्योर्स’ के खिलाफ सर्जिकल सख्ती के साथ कड़ा एक्शन लिया गया है। पिछले तीन दशकों से सरकारी तंत्र में आतंकवाद के समर्थकों की जो व्यवस्थित घुसपैठ थी, उसे निर्णायक रूप से खत्म कर दिया गया है। जनता के पैसे से अब उन लोगों को कोई मदद नहीं मिलेगी जो देश को अंदर से कमजोर कर रहे हैं।” – मनोज सिन्हा, उपराज्यपाल, जम्मू-कश्मीर
उपराज्यपाल सिन्हा ने कहा कि बीते छह वर्षों में जम्मू-कश्मीर में जो ऐतिहासिक बदलाव आए हैं, वे नागरिकों में विश्वास बहाली और उनके सम्मान को पुनर्स्थापित करने की दिशा में किए गए निरंतर प्रयासों का परिणाम हैं.
सैन्य अधिकारियों के संबोधन के मुख्य बिंदु:
आर्मी वॉर कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल अजय चंदपुरिया, फैकल्टी सदस्य और सुरक्षा बलों के कई उच्च पदस्थ अधिकारी उपस्थित रहे.