पंजाब। पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस टीम ने अमृतसर में नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 25 किलो हेरोइन बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 175 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
पुलिस ने इस मामले में एक कार में सवार तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बरामद हेरोइन की खेप पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा में पहुंचाई गई थी। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और इसके अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी है।
नाकाबंदी के दौरान पकड़े गए आरोपी
पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर महिता रोड स्थित गांव गिल के पास विशेष नाकाबंदी की गई थी। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को रोककर उसकी तलाशी ली गई। जांच के दौरान कार से 25 किलो हेरोइन बरामद हुई, जिसके बाद उसमें सवार तीनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
एक आरोपी का संबंध सोनू खत्री गैंग से
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भूपिंदर सिंह उर्फ भिंदा खरौड़, निवासी खरौड़, रवि कुमार, निवासी दसूहा और विशाल कुमार, निवासी गांव अंगड़, जिला अमृतसर के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि भूपिंदर सिंह का संबंध सोनू खत्री गैंग से बताया जा रहा है। उसके खिलाफ हत्या और एनडीपीएस एक्ट समेत विभिन्न मामलों में पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पाकिस्तानी तस्करी नेटवर्क के संपर्क में थे तीनों आरोपी
प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि आरोपी पाकिस्तान स्थित तस्करी नेटवर्क के संपर्क में थे। जांच एजेंसियों का मानना है कि सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से भेजी गई हेरोइन की खेप को आरोपी प्राप्त कर आगे विभिन्न स्थानों तक पहुंचाने का काम करते थे।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि यह खेप पंजाब के किन जिलों या अन्य राज्यों में सप्लाई की जानी थी।
In a major breakthrough, Counter Intelligence, #Amritsar busts a narcotics smuggling network, arrests three accused, and recovers 25 Kg of Heroin.
Preliminary investigation reveals that the accused were operating on the directions of a cross-border smuggler and were involved in… pic.twitter.com/KWvFc1kQb0
— DGP Punjab Police (@DGPPunjabPolice) July 7, 2026
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पूछताछ के दौरान अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क, स्थानीय सहयोगियों, वित्तीय लेनदेन और सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटीं एजेंसियां
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्य किन-किन क्षेत्रों में सक्रिय हैं और अब तक कितनी खेप की आपूर्ति की जा चुकी है।











