
महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए कोलकाता पुलिस ने एक अहम कदम उठाया है। महिला स्कूटी गश्ती दल ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड’ की नई वर्दी तैयार की गई है, जिसमें सुरक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और शक्ति का प्रतीक भी देखने को मिलेगा। नई वर्दी का रंग, डिजाइन और उस पर बने प्रतीकों को इस तरह तैयार किया गया है कि यह महिलाओं में भरोसा और अपराधियों में कानून का डर पैदा कर सके। पुलिस का कहना है कि इस बदलाव का मकसद केवल वर्दी बदलना नहीं, बल्कि महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता और सुरक्षा का मजबूत संदेश देना भी है।
कोलकाता पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के मुताबिक, दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड की नई वर्दी गुलाबी और नारंगी रंग के मेल से बनाई जाएगी। वर्दी का आगे और पीछे का हिस्सा गुलाबी होगा, जबकि दोनों किनारे, कॉलर और बटन नारंगी रंग के होंगे। सबसे खास बात यह है कि वर्दी के आगे और पीछे मां दुर्गा के चेहरे और उनके त्रिनयन से निकलते त्रिशूल का चित्र बनाया जाएगा। इसके अलावा स्क्वाड की सदस्याओं को नए गुलाबी रंग के हेलमेट भी दिए जाएंगे, जिन पर कोलकाता पुलिस का प्रतीक चिह्न होगा। यह वही महिला स्कूटी गश्ती दल है, जिसे पहले ‘निर्भया’ के नाम से जाना जाता था। अब इसका नाम बदलकर ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड’ कर दिया गया है। पहले इसकी सदस्याएं सामान्य पुलिस शर्ट-पैंट पहनकर ड्यूटी करती थीं, लेकिन अब उन्हें वर्दी के ऊपर विशेष वेस्टकोट या एप्रन पहनना अनिवार्य होगा। इस वेस्टकोट में बाहरी और अंदरूनी दोनों तरह की जेबें होंगी, जिससे ड्यूटी के दौरान जरूरी सामान रखना आसान होगा।
अधिकारियों का कहना है कि वर्दी के रंगों का भी खास महत्व है। गुलाबी रंग सहानुभूति और संवेदनशीलता का प्रतीक माना गया है, जबकि नारंगी रंग शांति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है। पुलिस का मानना है कि इन रंगों के जरिए यह संदेश दिया जाएगा कि स्क्वाड की सदस्याएं संकट में फंसी महिलाओं की मदद के लिए हमेशा तैयार रहेंगी और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर पूरी सख्ती से कार्रवाई करेंगी। फिलहाल 110 नई वर्दियां तैयार कराने का आदेश दिया गया है, जिस पर लगभग 2.75 लाख रुपये खर्च होंगे। वहीं, 80 नए हेलमेट बनवाने पर करीब 1.08 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। सभी हेलमेट गुलाबी रंग के होंगे और उन पर कोलकाता पुलिस का आधिकारिक प्रतीक अंकित रहेगा।