उत्तराखंड

हल्द्वानी बनभूलपुरा में NGO पर छापा: ईसाई मिशनरी की भूमिका पर गहराया शक, बच्चों की सुरक्षा में भारी लापरवाही!

हल्द्वानी गफूर बस्ती में संचालित संस्था पर बाल संरक्षण आयोग का औचक छापा। ईसाई मिशनरी की फंडिंग और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल।

Published by
Shivam Dixit

हल्द्वानी। उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य योगेश रजवार के नेतृत्व में चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल कल्याण समिति, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल और पुलिस की संयुक्त टीम ने नैनीताल जिले में विभिन्न स्थानों पर औचक निरीक्षण अभियान चलाया।

अभियान का उद्देश्य बाल संरक्षण संस्थाओं की व्यवस्थाओं और बच्चों की सुरक्षा संबंधी मानकों की जांच करना था।

रेलवे स्टेशन के पास संचालित संस्था का किया गया निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान रेलवे स्टेशन हल्द्वानी के निकट गफूर बस्ती में संचालित एक गैर-सरकारी संस्था की जांच की गई।

टीम के अनुसार, मौके पर मौजूद कर्मी मीना सिंह ने बताया कि संस्था का संचालन फादर पाइस द्वारा किया जाता है तथा इसके संचालन के लिए मिशनरी से आर्थिक सहायता प्राप्त होती है।

जानकारी के मुताबिक, यह संस्था धर्मांतरण कार्यों में भी लिप्त बताई गई है। हालांकि, इस आरोप की अभी पुष्टि नहीं हुई है।

संस्था में मिले 11 बच्चे, दस्तावेज नहीं कर सके प्रस्तुत

निरीक्षण के समय संस्था में पांच बालिकाएं और छह बालक मौजूद मिले। संयुक्त टीम ने संस्था से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन मौके पर कोई भी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि संस्था किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के तहत पंजीकृत नहीं है।

सुरक्षा मानकों में भी मिलीं खामियां

टीम ने यह भी पाया कि बच्चों के रहने और बैठने की व्यवस्था निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं थी। जांच के दौरान यह जानकारी भी मिली कि संस्था में रह रहे कुछ बच्चे पहले से विभिन्न विद्यालयों में पंजीकृत हैं।

दो दिन में रिपोर्ट और कानूनी कार्रवाई के निर्देश

आयोग के सदस्य योगेश रजवार ने बाल कल्याण समिति और चाइल्ड हेल्पलाइन को मामले की विस्तृत जांच कर दो दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वहीं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल को संस्था और उसके संचालकों की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया।

बिना पंजीकरण बच्चों से जुड़ी संस्था चलाना गंभीर मामला: योगेश रजवार

योगेश रजवार ने कहा कि बिना वैधानिक पंजीकरण के बच्चों से संबंधित किसी संस्था का संचालन अत्यंत गंभीर मामला है और इससे बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्था के संचालन, वित्तीय सहायता और अन्य सभी पहलुओं की गहन जांच कराई जाएगी।

उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से समझौता करने वाली अवैध संस्थाओं के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिले में इस तरह की संस्थाओं का औचक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेगा।

निरीक्षण के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल से रेणु अधिकारी, गोविंद, बनभूलपुरा थाने से एसआई ज्योति कोरंगा, चाइल्ड हेल्पलाइन से जिला समन्वयक किरण पंत, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से उमा भंडारी तथा बाल कल्याण समिति से गणेश बिष्ट, ललित, सरिता, बीना, सूरज सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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