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मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। पिछले कुछ दिनों से कई इलाकों में रुक-रुककर हो रही बारिश के बाद अब मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस समय राज्य के ऊपर तीन मजबूत मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं। इन्हीं के असर से अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने बारिश के बीच निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के उफान को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य प्रदेश में इस समय मानसून ट्रफ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और शियर जोन सक्रिय हैं। इन तीनों सिस्टम के कारण प्रदेश में अच्छी बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। खासतौर पर मालवा-निमाड़ क्षेत्र, जिसमें इंदौर और उज्जैन संभाग शामिल हैं, वहां भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। आईएमडी ने गुरुवार के लिए 17 जिलों में मौसम अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में अगले 24 घंटों के दौरान 100 मिलीमीटर यानी 4 इंच से अधिक बारिश हो सकती है। उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, रायसेन, सागर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना और सिवनी समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं भोपाल में बारिश का दौर शुरू हो चुका है, जबकि इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सतना सहित अधिकांश जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह मौसम प्रणाली 2 अगस्त तक सक्रिय रह सकती है। इस दौरान कई जिलों में लगातार बारिश होने की संभावना है। कुछ जगहों पर तेज बारिश की वजह से पानी भर सकता है, जिससे सड़कों पर आने-जाने में दिक्कत हो सकती है। छोटे नदी-नाले भी उफान पर आ सकते हैं। इसलिए लोगों से कहा गया है कि बहुत जरूरी काम हो तभी घर से बाहर निकलें और प्रशासन की सलाह का पालन करें। बारिश के आंकड़ों की बात करें तो इस मानसून सीजन में अब तक मध्य प्रदेश में औसतन 359.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस समय तक सामान्य रूप से 428.9 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। यानी फिलहाल प्रदेश में करीब 16 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 15 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 17 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। हालांकि मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक जारी रहने वाली तेज बारिश से यह कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है। वर्तमान में 47 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि भोपाल, इंदौर, देवास, सीहोर, मंदसौर और कुछ अन्य जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। सबसे ज्यादा बढ़त देवास में देखने को मिली है, जहां सामान्य से 29 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।