नई दिल्ली/उज्जैन: उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को अब प्रसाद के रूप में दक्षिण भारतीय व्यंजन भी मिलेंगे। मंदिर समिति ने प्रसाद के अन्न मेन्यू में बड़ा बदलाव किया है। श्रद्धालुओं को अब सप्ताह में दो दिन दक्षिण भारतीय व्यंजन भी प्रसाद के रूप में मिलेंगे। यह नई व्यवस्था मंगलवार 28 जुलाई से शुरू हो गई है।
गौरतलब है कि महाकाल मंदिर का निःशुल्क अन्न क्षेत्र श्रद्धालुओं के दान से संचालित होता है। यहां हर रोज दो शिफ्ट में हजारों श्रद्धालु भोजन प्रसादी ग्रहण करते हैं। भगवान महाकाल को भोग लगने के बाद श्रद्धालुओं को यह प्रसादी वितरित की जाती है। नई पहल का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को उनके पारंपरिक स्वाद से जोड़ना है।
अब महाकाल मंदिर के प्रसाद में इडली और सांभर भी
अब तक महाकाल मंदिर के निःशुल्क अन्न क्षेत्र में श्रद्धालुओं को दाल, चावल, रोटी, मौसमी सब्जी और विशेष अवसरों पर मिठाई प्रसाद के रूप में दी जाती थी। लेकिन अब दक्षिण भारतीय व्यंजनों को भी प्रसादी में शामिल किया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार हर मंगलवार श्रद्धालुओं को इडली, सांभर, पोंगल, स्टीम चावल और मौसमी सब्जी परोसी जाएगी।
मंगल और शुक्र को प्रसाद में विशेष मेन्यू
मंगलवार को महाकाल मंदिर के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं ने प्रसाद के रूप में दक्षिण भारतीय व्यंजनों को ग्रहण किया। मंगलवार के अलावा प्रत्येक शुक्रवार को भी विशेष मेन्यू रखा गया है। इस दिन श्रद्धालुओं को पुलिहोरा (इमली चावल), पायसम, रसम, स्टीम चावल और मौसमी सब्जी प्रसाद के रूप में दी जाएगी। इस तरह सप्ताह के दो दिन अन्न क्षेत्र में पारंपरिक दक्षिण भारतीय स्वाद देखने को मिलेगा।
महाकालेश्वर भारत के बारह प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों में से एक हैं। महाकालेश्वर मंदिर की महिमा का विभिन्न पुराणों में वर्णन किया गया है। यहां महाकालेश्वर की मूर्ति दक्षिणमुखी है। महाकाल मंदिर के ऊपर गर्भगृह में ओंकारेश्वर शिव की मूर्ति प्रतिष्ठित है। गर्भगृह के पश्चिम, उत्तर और पूर्व में गणेश, पार्वती और कार्तिकेय के चित्र स्थापित हैं। दक्षिण में नंदी की प्रतिमा है। तीसरी मंजिल पर नागचंद्रेश्वर की मूर्ति केवल नागपंचमी के दिन दर्शन के लिए खुली होती है। महाशिवरात्रि के दिन, मंदिर के पास एक विशाल मेला लगता है और रात में पूजा होती है। दुनियाभर से श्रद्धालु यहां भगवान शिव के दर्शन के लिए आते हैं।












