सल्ट/अल्मोड़ा। उत्तराखंड के अल्मोड़ा में लेडी टीचर ने 12वीं कक्षा के 5 छात्रों के बाल चाकू से काट दिए और उनकी स्कूल ड्रेस ब्लेड से फाड़ दी। इसके बाद सबके सामने बच्चों को अपमानित किया और उनकी नोटबुक भी फाड़ दी। जब बच्चे घर पहुंचे तो उन्होंने अपने परिजनों से इसकी शिकायत की।
इसके बाद परिजन ग्रामीणों के साथ स्कूल पहुंचे और आरोपी भूगोल प्रवक्ता आरजू अफरोज अंसारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। टीचर ने प्रिंसिपल को लिखित माफीनामा देकर भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न होने का भरोसा दिलाया। इसके बाद अवकाश लेकर स्कूल से चली गईं।
मामला बढ़ता देख एसडीएम ने स्कूल से 26 जुलाई तक रिपोर्ट देने को कहा है। घटना अल्मोड़ा के सल्ट स्थित जीआईसी बांगीधार की है।
पीड़ित छात्रों ने क्या बताया?
होमवर्क नहीं किया था — छात्रों का कहना है कि होमवर्क पूरा न होने पर मैडम ने उन्हें बाहर निकाला और बैग से ब्लेड तथा दुकान से चाकू मंगवाकर उनके बाल काट दिए।
समय पर बाल नहीं कटवाए थे — छात्रों ने बताया कि मैडम ने उन्हें पहले भी 2-3 बार बाल कटवाने की चेतावनी दी थी। समय पर बाल न कटवाने के कारण उन्होंने अपनी भी गलती स्वीकार की।
स्कूल के अंदर बाल काटने और यूनिफॉर्म फाड़ने का आरोप
राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) बांगीधार (सल्ट, अल्मोड़ा) में 12वीं की कक्षा चल रही थी। भूगोल की लेडी लेक्चरर आरजू अफरोज अंसारी ने 5 छात्रों (सौरभ, अनुज नेगी, सूरज बिष्ट, योगेश शर्मा और योगेश जोशी) पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाया।
लेडी लेक्चरर ने बच्चों को सामान्य सजा देने के बजाय कैंची से पांचों छात्रों के बाल काट दिए। ब्लेड मारकर उनकी स्कूल ड्रेस (यूनिफॉर्म) फाड़ दी। छात्रों की कॉपियां और दो छात्राओं की नोटबुक के पन्ने भी फाड़ दिए। इसके बाद पूरी कक्षा के सामने बच्चों को अपमानित किया गया।
परिजनों और ग्रामीणों ने स्कूल पहुंचकर किया प्रदर्शन
बुधवार को जब बच्चे घर पहुंचे और उन्होंने अपनी फटी ड्रेस तथा कटे हुए बाल परिजनों को दिखाए, तो मामला गरमा गया। गुरुवार सुबह पीड़ित छात्रों के परिजन, ग्राम प्रधान, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में स्कूल पहुंचे।
उन्होंने स्कूल परिसर में करीब दो घंटे तक प्रदर्शन किया और शिक्षिका को बर्खास्त करने की मांग की।
लेडी टीचर ने दिया लिखित माफीनामा
मामला बढ़ता देख आरोपी लेडी टीचर ने स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र बगोरिया को एक लिखित माफीनामा सौंपा, जिसमें उन्होंने भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न होने का भरोसा दिया।
माफीनामा देने के बाद लेडी टीचर जरूरी कार्य का हवाला देकर अवकाश लेकर स्कूल से चली गईं, जिससे परिजन और अधिक नाराज हो गए।
एसडीएम ने गठित की जांच समिति, 26 जुलाई तक मांगी रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम रिंकू बिष्ट ने तत्काल संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया। जांच टीम को सभी तथ्यों की बारीकी से जांच कर 26 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट प्रिंसिपल और एसडीएम को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस और प्रशासन का क्या कहना है?
सल्ट के थानाध्यक्ष कश्मीर सिंह ने बताया कि फिलहाल परिजनों की ओर से कोई लिखित एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। स्कूल स्तर की जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम अंशुल सिंह ने बताया कि यह मामला सोशल मीडिया के माध्यम से उनके संज्ञान में आया है और इसकी रिपोर्ट तलब की गई है।














