पाकिस्तान का बलूचिस्तान में लंबे समय से सरकार और बलूच विद्रोही संगठनों के बीच तनाव बना हुआ है। बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने पाकिस्तानी सेना पर एक बड़े हमले का दावा किया है। संगठन का कहना है कि उसने मस्तुंग जिले में सेना के काफिले को निशाना बनाया, जिसमें 45 सैनिक मारे गए।
सेना के काफिले को बनाया निशाना
बीएलए के अनुसार, यह हमला उसके विशेष दस्ते फतह स्क्वाड ने किया। संगठन का कहना है कि पहले सैनिकों को ले जा रही बसों के काफिले पर घात लगाकर हमला किया गया। इसके बाद जब सेना की अतिरिक्त टुकड़ियां मौके पर पहुंचीं, तो उन्हें भी निशाना बनाया गया। हमले के बाद इलाके में काफी देर तक गोलीबारी की खबरें सामने आईं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। मस्तुंग जिला पहले से ही बलूचिस्तान के सबसे संवेदनशील इलाकों में गिना जाता है। यहां पहले भी कई बार सुरक्षा बलों पर हमले हो चुके हैं। पहाड़ी और दूर-दराज का इलाका होने के कारण सेना के लिए यहां आवाजाही आसान नहीं होती, जिसका फायदा विद्रोही समूह उठाने की कोशिश करते हैं।

बलोच लिबरेशन आर्मी पिछले करीब 20 वर्षों से बलूचिस्तान में सक्रिय है। संगठन का कहना है कि उसका उद्देश्य बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग कर स्वतंत्र देश बनाना है। वहीं पाकिस्तान सरकार बीएलए को आतंकी संगठन मानती है और उसके खिलाफ लगातार अभियान चलाती रही है। बलूचिस्तान में रहने वाले कई लोगों का आरोप है कि उन्हें अपने संसाधनों का पूरा लाभ नहीं मिलता। उनका कहना है कि विकास कार्य और रोजगार के अवसर भी उनकी उम्मीदों के अनुसार नहीं हैं। यही वजह है कि इस क्षेत्र में लंबे समय से असंतोष बना हुआ है और समय-समय पर हिंसा की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे में मस्तुंग का यह हमला एक बार फिर बलूचिस्तान की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति की ओर ध्यान खींचता है।

















