
नई दिल्ली/जम्मू-कश्मीर: सीआरपीएफ ने जम्मू-कश्मीर की पहाड़ियों में 10 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित आतंकी ठिकानों को नष्ट किया है। पहलगाम हमले के बाद से लेकर अब तक सीआरपीएफ (CRPF) ने दुर्गम पहाड़ियों में 55 अस्थायी ऑपरेशन बेस स्थापित कर दिए हैं।
जुलाई 2025 के बाद से CRPF ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अपने बेस बनाकर आतंकियों को वहां से खदेड़ दिया है। अस्थायी ऑपरेशन बेस पर सीआरपीएफ के जवान आधुनिक हथियार, स्नाइनर गन, दूरबीन, स्नो शूज, स्लीपिंग बैग और सेटेलाइट ट्रैकर के साथ 24 घंटे तैनात रहते हैं। जवानों की तैनाती की रणनीति इस तरह बनाई गई है कि अगर कहीं आतंकी मुठभेड़ होती है तो फौरन दूसरा दस्ता मौके पर पहुंच सकता है।
आतंकी नए ठिकाने न बना सके इसके लिए गश्त करती है सीआरपीएफ
सीआरपीएफ की इस कार्रवाई में आतंकियों को अपने उन ठिकानों को छोड़कर भागना पड़ा है जहां वो वर्षों से छिपे थे। अब इन ठिकानों पर सीआरपीएफ की नियमित गश्त होती है। सीआरपीएफ को जहां भी आतंकियों के कोई ठोस ठिकाने दिखते हैं उन्हें फौरन नष्ट कर दिया जाता है।
आतंकी नये ठिकाने न बना सकें इसके लिए नियमित अंतराल पर जवानों की टोली वहां पहुंचती है। सीआरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि अब अधिक ऊंचाई वाले ठिकानों पर आतंकियों को फटकने नहीं दिया जाएगा। पहलगाम के आतंकी हमले के बाद सीआरपीएफ ने खुफिया रिपोर्ट के आधार पर आठ से दस हजार फुट की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बेस स्थापित करने का निर्णय लिया था।
जम्मू-कश्मीर में स्थानीय आतंकवाद लगभग समाप्त
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के इन अभियानों से स्थानीय आतंकवाद लगभग समाप्त हो चुका है। एक लोकल आतंकी लतीफ भट ही बचा है। जबकि पाकिस्तानी आतंकियों की संख्या लगभग 50 बताई गई है। सुरक्षा बल पहले ही लश्कर-ए-ताइबा के स्थानीय आतंकी जाकिर अहमद गनी को मुठभेड़ में मार चुकी है।लतीफ भट भागने में सफल रहा था।