लखनऊ / अयोध्या। सनातन धर्म के आराध्य भगवान श्री कृष्ण को लेकर की गई एक बेहद विवादित और आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर देश भर के हिंदू संगठनों और संतों में भारी आक्रोश व्याप्त है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में मौलाना जर्जिस अंसारी (Maulana Jarjis Ansari) यह दावा करते हुए नजर आ रहे हैं कि “कृष्ण तो मुस्लिम थे और वे दिन में पांच बार नमाज पढ़ते थे.”
‘कृष्ण जी पढ़ते थे नमाज’
कृष्ण जन्मभूमि मुद्दे के बीच मौलाना ने भगवान श्रीकृष्ण को बताया मुसलमान. मौलाना जरजिश अंसारी का वीडियो हुआ वायरल. झारखंड में मौलाना ने दिया बयान…@Uppolice @JharkhandPolice #newsleader pic.twitter.com/u8RaB73IzQ
— News Leader (@NewsLeaderLive) July 16, 2026
वीडियो वायरल होने के बाद अखिल भारत हिंदू महासभा (Akhil Bharat Hindu Mahasabha) ने त्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में मौलाना के खिलाफ तहरीर दी, जिसके बाद Maulana Jarjis Ansari के विरुद्ध गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है.
गीता के श्लोक की मनगढ़ंत व्याख्या कर मजहबीकरण की कोशिश
पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब झारखंड के देवघर जिले में आयोजित एक जलसे के दौरान मौलाना जर्जिस अंसारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया.
मंच से अपने इस बेतुके दावे को साबित करने के लिए मौलाना ने श्रीमद्भगवद्गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक का हवाला दिया था.
श्लोक-योगी युञ्जीत सततमात्मानं रहसि स्थितः। एकाकी यतचित्तात्मा निराशीरपरिग्रहः॥
मौलाना ने अपनी बात को सच साबित करने के लिए पवित्र श्लोक की पूरी तरह से गलत और भ्रामक व्याख्या की है.
वास्तव में, इस श्लोक में दूर-दूर तक नमाज या इस्लाम का कोई उल्लेख नहीं है.
इस श्लोक का वास्तविक अर्थ एक साधक (योगी) की आत्मिक साधना पर केंद्रित है, जिसमें उसे एकांत में अपने मन, इंद्रियों और शरीर को नियंत्रित कर परमात्मा के ध्यान (योग) में विलीन होने का उपदेश दिया गया है.
हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज, सीएम योगी से की कड़ी कार्रवाई की मांग
वीडियो वायरल होने के बाद लखनऊ की सड़कों पर हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और आरोपी मौलाना के पोस्टरों को पैरों तले कुचला.
वहीं हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने हजरतगंज कोतवाली पहुंचकर पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी.
कानूनी कार्रवाई और पुलिस अपडेट:
- शिशिर चतुर्वेदी की तहरीर पर लखनऊ पुलिस ने मौलाना जर्जिस अंसारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 302 और 66 के तहत गंभीर मुकदमा दर्ज किया है.
- हिंदू महासभा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की इस कोशिश पर मौलाना के खिलाफ तत्काल कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाए.
- वहीं लखनऊ पुलिस प्रशासन का कहना है कि दर्ज शिकायत और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है.
“जो जीभ काटकर लाएगा, उसे 10 लाख का इनाम”: महंत विष्णु दास
मौलाना के इस बयान पर रामनगरी अयोध्या के महंत विष्णु दास ने बेहद आक्रामक और तीखा रुख अपनाया है.
उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए खुले मंच से यह ऐलान कर दिया है कि जो कोई भी भगवान श्रीकृष्ण का घोर अपमान करने वाले मौलाना जर्जिस अंसारी की जीभ काटकर लाएगा, उसे वे अपने आश्रम की तरफ से ₹10 लाख का नकद इनाम देंगे.
उन्होंने कहा-
“मौलाना को संस्कृत और सनातन ग्रंथों का कोई ज्ञान नहीं है। वह केवल सुर्खियों में आने और देश का माहौल बिगाड़ने के लिए हिंदू शास्त्रों की मनगढ़ंत और झूठी व्याख्या कर रहा है। भगवान श्रीकृष्ण का इतिहास 5,000 साल से भी अधिक पुराना है, जबकि इस्लाम का इतिहास महज 1,400 साल का है। ऐसे में यह बेतुका दावा करोड़ों कृष्ण भक्तों की आस्था पर कुठाराघात है। सरकार को मौलाना पर देशद्रोह का मुकदमा चलाना चाहिए।” – महंत विष्णु दास, अयोध्या
भगवान श्री कृष्ण को लेकर दिए गए विवादित बयान पर महंत विष्णु दास ने कहा, “इस मौलाना की जो जीभ काट कर लाएगा, उसको 10 लाख रुपए देंगे”#MahantVishnuDas #ShriKrishna #Controversy #ReligiousStatement #ReligiousNews #Maulana #IndiaNews #BreakingNews #LatestNews #HindiNews #ViralVideo… pic.twitter.com/pn0qFhIfAt
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संत धर्मदास महाराज सहित अयोध्या के अन्य धार्मिक गुरुओं ने भी इस बयान की कड़ी भर्त्सना की है और कहा है कि भारतीय समाज में ऐसे विद्वेष फैलाने वाले बयानों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए. इसके साथ ही संत विष्णु दास ने इस अत्यंत संवेदनशील मामले पर विपक्षी नेताओं की चुप्पी पर भी तीखे सवाल खड़े किए हैं.
विवादित बयान देना जर्जिस अंसारी की पुराणी आदत: विनोद बंसल
इस मामले पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि मौलाना जर्जिस अंसारी पहले भी कई बार इस तरह के भड़काऊ और विवादित बयान दे चुके हैं. यह उनकी पुरानी आदत है और अब समय आ गया है कि उन्हें अपनी इस हरकत के लिए कानूनन कड़ी से कड़ी सजा भुगतनी पड़े.












