
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी भी जारी है। अमेरिकी सेना ने ईरान के ठिकानों पर पांचवें दिन भी मिसाइलें दागीं। इस दौरान एक खाली ऑयल टैंकर को निशाना बनाया गया, जिससे वह जहाज आगे नहीं बढ़ सका। ईरान के बंदर अब्बास, अहवाज और चाबहार जैसे इलाकों में विस्फोट की खबरें आई हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि एक अमेरिकी एयरक्राफ्ट ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक जहाज पर हेलफायर मिसाइलें दागीं। यह जहाज ईरान के बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक ब्लॉकेड को तोड़ने की कोशिश कर रहा था। मिसाइलें जहाज के स्मोकस्टैक में लगीं, जिसके बाद जहाज डिसेबल हो गया और वह ईरानी दिशा में आगे नहीं बढ़ पाया।
अमेरिकी सेना का कहना है कि वे हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा के लिए ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहे हैं। इससे पहले भी अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों को ब्लॉक किया था। उस दौरान कई जहाज प्रभावित हुए थे।
अमेरिकी हवाई हमलों के बाद ईरान के कई हिस्सों में विस्फोट हुए। मुख्य रूप से दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास, अहवाज और चाबहार प्रभावित हुए। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, अहवाज के शाहिद बगाई अस्पताल में अमेरिकी मिसाइल पास में गिरने के बाद कैंसर से पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों को अस्थायी रूप से वहां से निकालना पड़ा। अस्पताल विशेष रूप से बच्चों के कैंसर इलाज के लिए जाना जाता है। आसपास के घरों को नुकसान पहुंचा है। कई आवासीय इमारतों की खिड़कियां टूट गईं। हालांकि, अभी तक हताहतों की कोई आधिकारिक संख्या नहीं बताई गई है।
अमेरिकी सेना ने पहले 13 अप्रैल से 18 जून तक ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी की थी। उस अवधि में उन्होंने नौ जहाजों को निष्क्रिय किया और 140 से ज्यादा जहाजों को अपना रास्ता बदलने को मजबूर किया था। वर्तमान में जारी हमलों में अमेरिका मुख्य रूप से ईरानी ठिकानों और समुद्री गतिविधियों पर नजर रखे हुए है। ईरान के कई इलाकों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं, जिससे स्थानीय लोग प्रभावित हुए हैं।