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खाड़ी संकट: ईरान ने अरब के सभी ऊर्जा सप्लाई को बंद करने की दी धमकी, अमेरिका ने फिर लगाई नौसेनिक ब्लॉकेड

खाड़ी में तनाव चरम पर: अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर ब्लॉकेड लगाया, ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर दिया। ट्रंप का पिकैक्स माउंटेन पर हमले का ऐलान, तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं।

Published by
कुलदीप सिंह

खाड़ी में संकट लगातार गहराता जा रहा है। बीते पांच दिन से अमेरिका औऱ ईऱान एक दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं। इसी क्रम में ईरान ने मध्य पूर्व के सभी ऊर्जा निर्यात रोकने की धमकी दी है। वहीं अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर फिर ब्लॉकेड लगा दिया है। दोनों देश पांचवें दिन भी एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं। ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी जगह पर हमले की बात कही है।

अमेरिकी ब्लॉकेड और हमले

बुधवार को सुबह अमेरिकी ब्लॉकेड लागू हुआ। इसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के तटीय रक्षा सिस्टम और मिसाइल साइट्स पर करीब 90 मिनट तक हमले किए। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, पिछले दिन के हमलों में कम से कम 7 सैनिक मारे गए और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए। दक्षिणी ईरान में हाल के दिनों में हुए हमलों में 30 आम नागरिकों की मौत हुई है। ईरानी सरकार की प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने यह आंकड़ा दिया।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुला रखने के लिए हमले बढ़ा सकता है। उन्होंने “पिकैक्स माउंटेन” नाम की मजबूत अंडरग्राउंड सुविधा को निशाना बनाने की बात कही। यह ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी जगह है। ट्रंप ने ह्यू हेविट शो में कहा, “हम पिकेक्स माउंटेन को खत्म कर देंगे। ईरान वालों को तैयार रहना चाहिए।” यह जगह पिछले दो युद्धों में नहीं मारी गई थी।

ईरान की प्रतिक्रिया और जलडमरूमध्य बंद

अमेरिकी हमलों और ब्लॉकेड के जवाब में ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर दिया। साथ ही उसने अमेरिकी बेसों वाले देशों पर जवाबी हवाई हमले किए। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा, “क्षेत्रीय ऊर्जा निर्यात या तो सबके साथ बांटे जाएंगे या किसी को नहीं मिलेंगे।” उन्होंने कहा कि जलडमरूमध्य तब तक बंद रहेगा जब तक “अमेरिका की बुराइयां खत्म” नहीं हो जातीं।

इस जलडमरूमध्य से पहले युद्ध के समय दुनिया का पांचवां हिस्सा तेल और गैस गुजरता था। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम घरीबाबादी ने कहा कि नया अमेरिकी ब्लॉकेड इस्लामाबाद मेमोरैंडम को खत्म कर देता है। यह अंतरिम समझौता जलडमरूमध्य खुला रखने और स्थायी शांति की बातचीत के लिए था।

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हमलों का असर और आगे की धमकियां

ईरान ने पिछले हफ्ते जलडमरूमध्य में सात व्यापारिक जहाजों पर हमले किए। इसमें करीब दर्जन भर क्रू सदस्य मारे गए, लापता या घायल हुए। ईरान ने बहरीन, जॉर्डन और कुवैत पर भी हवाई हमले किए। जॉर्डन ने तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक लिया। कुवैत में हमलों से आग बुझाने का काम चल रहा है। अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने हॉर्मुज में ग्रेटक टुनब द्वीप पर ईरानी रक्षा और मिसाइल साइट्स को निशाना बनाया। साथ ही सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में ईरानी ब्रिगेड के बैरक भी मारे गए। ईरान की सेना ने “अमेरिकी दुश्मन की इस आक्रामक कार्रवाई” का “मजबूत जवाब” देने की बात कही।

ट्रंप ने फॉक्स न्यूज में कहा, “अगले हफ्ते उनके लिए बहुत बुरा होगा क्योंकि अगले हफ्ते पावर प्लांट्स आते हैं। अगले हफ्ते ब्रिजेस आते हैं। हम उनके सारे पावर प्लांट्स गिरा देंगे, सारे ब्रिजेस गिरा देंगे, जब तक वे बातचीत की मेज पर नहीं आ जाते।” उन्होंने कहा कि अमेरिकी बातचीतकर्ता ईरानी पक्ष से संपर्क में हैं।ट्रंप ने पहले भी मार्च में इसी तरह की बात कही थी। एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने मंगलवार को सिचुएशन रूम मीटिंग की जिसमें ईरान पर बड़े हमले की चर्चा हुई ताकि जलडमरूमध्य फिर खुल जाए।

तेल की कीमतें और शिपिंग

इस तनाव से तेल की कीमतें बढ़ गई हैं। बुधवार को क्रूड ऑयल की कीमत एक महीने के हाई से आगे निकल गई। शिपिंग कंपनियां जलडमरूमध्य से गुजरने से बच रही हैं। ट्रंप ने इस हफ्ते पहले 20% टोल की धमकी दी थी, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया। उन्होंने इसे गल्फ अरब देशों के साथ निवेश और व्यापार डील्स से बदल दिया।

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