
राहुल गांधी
देहरादून। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की जब-जब उत्तराखंड की यात्रा हुई है वह हमेशा विवादों में रही। ये विवाद स्वयं कांग्रेस की तरफ से पैदा किए जाते रहे हैं और दोषारोपण जिला प्रशासन के माथे मढ़ा जाता रहा है।
राहुल गांधी को देहरादून में 17 जुलाई को युवाओं से संवाद करने के लिए कार्यक्रम करना है। बताया जा रहा है कि पहले ये कार्यक्रम बुल्लु स्कूल रेसकोर्स में आयोजित किया जाना था उसका स्थान बदल कर परेड ग्राउंड किया गया, जिसके लिए कांग्रेस ने नगर निगम से अनुमति प्राप्त करते हुए शुल्क भी जमा करवा दिया। इसी बीच कांग्रेस ने अखबारों और सोशल मीडिया के जरिए ये प्रचार किया कि कार्यक्रम के ढाई लाख युवाओं ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है।
इस प्रचार के बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा प्रबंधन की वजह से अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ बैठक की और यह पाया कि परेड ग्राउंड की क्षमता 50 हजार से अधिक नहीं है। ऐसे में ढाई लाख लोग वहां कैसे आएंगे ? पार्किंग को लेकर दिक्कत अलग है। परेड ग्राउंड शहर के बीचो-बीच है, जब कभी भी वहां जनसभाएं होती हैं तो पूरे शहर को जाम और परेशानियां उठानी पड़ती हैं। इसी समस्या के मद्देनजर पिछली बार पीएम मोदी की जनसभा और कार्यक्रम कैंट एरिया में महेंद्रा मैदान में करवाए गए।
फिलहाल प्रशासन ने निगम द्वारा दी गई अनुमति को रद्द कर दिया है। खबर यह भी है कि नगर आयुक्त ने बिना जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के संज्ञान में लाये अनुमति प्रदान की, जबकि इस बारे में विभागों की एनओसी अनुमति भी लेनी आवश्यक होती है।
डीएम आशीष चौहान का कहना है कि आयोजकों से इस बारे में जब पूछा गया। ढाई लाख के पंजीकरण करवाने की बात उनके द्वारा जब की गई तभी से प्रशासन ने विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों से विचार विमर्श किया और अंततः परेड ग्राउंड की अनुमति रद्द करनी पड़ी। हकीकत यही है कि वहां इतनी क्षमता ही नहीं है,इसलिए आयोजकों को कोई वैकल्पिक स्थान सुझाने के लिए कहा गया है।
उधर, कांग्रेस प्रवक्ता सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि सरकार के इशारे पर प्रशासन ने अनुमति रद्द की है।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पिछली बार अल्मोड़ा, पौड़ी, कोटद्वार, देहरादून आना था, लेकिन मौसम के कारण पंत नगर से आगे नहीं गए। जबकि अल्मोड़ा के अलावा सभी स्थानों पर मौसम साफ था।
मुखमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जब ये पूछा गया कि राहुल गांधी के उत्तराखंड के दौरे को लेकर आपकी क्या प्रतिक्रिया है तो इस पर धामी ने कहा कि चुनाव नजदीक हैं, उनके दौरे होंगे ही इसमें कांग्रेस को चिंता करनी चाहिए कि वो कुछ ऐसा न बोल दें कि बाद में उन्हें ही कोई परेशानी न उठानी पड़े। बहरहाल राहुल गांधी का दौरा एक बार फिर से सुर्खियों में है।