नई दिल्ली। दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 में दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच लोगों को दोषी करार दिया है। एडिशनल सेशंस जज प्रवीण सिंह ने इस मामले के छह आरोपितों को बरी करने का भी आदेश दिया।
कोर्ट ने इस मामले में ताहिर हुसैन के अलावा नाजिम, कासिम, अनस और जावेद को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने हसीन ऊर्फ मुल्लाजी ऊर्फ सलमान, समीर खान, फिरोज, जावेद, गुल्फाम, शोएब आलम ऊर्फ बॉबी और मुंतजिम ऊर्फ मुसा को इस मामले से बरी करने का आदेश दिया।दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 3 जून, 2020 को इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। क्राइम ब्रांच की चार्जशीट में कहा गया कि 24 और 25 फरवरी 2020 को ताहिर हुसैन ने अपने घर और चांदबाग पुलिया के पास मस्जिद से भीड़ का नेतृत्व किया और उसे सांप्रदायिक रुप दिया।
चार्जशीट में कहा गया था कि अंकित शर्मा हत्या के लिए साजिश रची गई थी। अंकित शर्मा को ताहिर हुसैन के नेतृत्व में भीड़ ने खास रुप से टारगेट किया। खजूरी खास इलाके में ताहिर हुसैन के घर के बाहर वारदात हुई। शर्मा की हत्या के बाद भीड़ ने एक नाले में शव फेंक दिया। पुलिस के मुताबिक कुछ लोग शव नाले में फेंक रहे थे। अंकित शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने पाया था कि तेज धार वाले हथियार से 51 वार के निशान हैं। ताहिर ने ही चांदबाग इलाके में भीड़ को उकसाया। चार्जशीट में ताहिर हुसैन को मास्टरमाइंड बताया गया है।
दिल्ली पुलिस ने अंकित के पिता के बयान पर ताहिर हुसैन के खिलाफ केस दर्ज किया है। ताहिर हुसैन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 365, 201 और धारा 34 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। उसकी छत से काफी मात्रा में हिंसा में इस्तेमाल किए गए सामान बरामद किए गए थे। फरवरी, 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में 53 लोग मारे गए थे और करीब दो सौ लोग घायल हो गए थे।
















