शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून का असर जारी है। सोमवार सुबह से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहे, जबकि कुछ स्थानों पर हल्की धूप भी निकली। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिन मौसम खराब बना रहेगा। हालांकि 13 से 17 जुलाई तक किसी तरह का अलर्ट या चेतावनी जारी नहीं की गई है। विभाग ने 18 और 19 जुलाई को राज्य के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इन दो दिनों के लिए भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। बिलासपुर जिले के आरएल बीबीएमबी-1400 में सबसे अधिक 71.0 मिमी वर्षा हुई। कसौली (सोलन) में 62.0 मिमी, ओलिंडा (बिलासपुर) में 60.0 मिमी, धर्मपुर (सोलन) में 54.6 मिमी, आरएल बीबीएमबी-1700 (बिलासपुर) में 52.0 मिमी, घमरूर (कांगड़ा) में 51.6 मिमी, नंगल डैम (ऊना) में 48.2 मिमी, ब्रह्माणी (बिलासपुर) में 42.4 मिमी और ऊना में 35.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस दौरान शिमला, सुंदरनगर, भुंतर, कांगड़ा, जोत और मुरारी देवी में गरज के साथ बिजली चमकी। बिलासपुर के केवीके क्षेत्र में 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से सबसे तेज अंधड़ चला। नेरी में 46, शिमला, कुफरी और हमीरपुर में 41-41, सुंदरनगर केवीके में 39 तथा ताबो में 37 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं।
बारिश का दौर कुछ कमजोर पड़ने के बाद प्रशासन ने राहत और बहाली का काम तेज कर दिया है। भूस्खलन और मलबा आने से बंद हुई सड़कों को खोलने के लिए मशीनें लगातार काम कर रही हैं। राज्य में अभी भी करीब 100 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित है और कुछ स्थानों पर पेयजल योजनाएं ठप होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संबंधित विभागों की टीमें बिजली और पानी की सेवाएं बहाल करने में जुटी हैं। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून अभी सक्रिय बना हुआ है। अगले चार दिन राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को नदी-नालों के पास जाने से बचने तथा मौसम और प्रशासन की ओर से जारी सलाह का पालन करने की अपील की गई है। 18 और 19 जुलाई को भारी बारिश की आशंका को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

















