मैसूर। प्रख्यात पार्श्व गायिका और ‘गान कोकिला’ के नाम से प्रसिद्ध एस. जानकी का अंतिम संस्कार रविवार को कर्नाटक के मैसूर स्थित कणियनहुंडी में उनके फार्महाउस पर पूरे राजकीय सम्मान और तेलुगु ब्राह्मण परंपरा के अनुसार किया गया।
चार वर्ष पूर्व खरीदी गई दो एकड़ भूमि पर ही उनका अंतिम संस्कार किया गया। यह उनकी अंतिम इच्छा थी। शाश्वती क्रिया समिति के अगमिक रमेश शर्मा के नेतृत्व में पंचगव्य से पार्थिव शरीर का शुद्धिकरण सहित सभी पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। चंदन, तुलसी और अन्य लकड़ियों से चिता तैयार की गई तथा सूर्यास्त से पूर्व मुखाग्नि दी गई।
हाल ही में उनके पुत्र के निधन के कारण उनकी पोती ने मुखाग्नि दी। इस अवसर पर राज्य सरकार की ओर से तीन राउंड की सलामी देकर उन्हें राजकीय सम्मान अर्पित किया गया।
अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में प्रशंसकों, फिल्म जगत की हस्तियों, मंत्रियों, विधायकों, विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों, परिजनों और आम नागरिकों ने उपस्थित होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
उल्लेखनीय है कि आयु संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही एस. जानकी का शनिवार रात मैसूर के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया था। रविवार को मैसूर के महाराजा कॉलेज परिसर में उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जिसके बाद कणियनहुंडी में उनका अंतिम संस्कार किया गया।










