अहमदाबाद में 16 जुलाई को आयोजित होने वाली भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथयात्रा के लिए सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। रथयात्रा रूट पर पुलिस पेट्रोलिंग कर रही है, साथ ही मुख्यमंत्री ने भी राज्य की सभी छोटी-बड़ी रथयात्राओं के आयोजन के संदर्भ में खास बैठक की। रथयात्रा के दौरान हाथी न भड़कें, इसके लिए इस साल खास हाईटेक व्यवस्था की गई है।
भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथयात्रा शांतिपूर्ण माहौल में हो, इसके लिए अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और अहमदाबाद शहर पुलिस पूरी तैयारी कर रहे हैं। शहर पुलिस कमिश्नर और क्राइम ब्रांच ने रथयात्रा के रूट पर फ्लैग मार्च किया।
कमिश्नर और क्राइम ब्रांच ने रथयात्रा के रूट पर फ्लैग मार्च किया
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रथयात्रा से पहले रथयात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के संदर्भ में गांधीनगर में खास उच्च स्तरीय बैठक की। राज्य में अहमदाबाद में होने वाली भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथयात्रा के अलावा पूरे राज्य से छोटी-बड़ी 230 रथयात्राएं निकलती हैं। ये सभी रथयात्राएं शांतिपूर्वक संपन्न हों, इसके लिए जरूरी सुरक्षा व्यवस्था समेत अन्य मुद्दों पर मुख्यमंत्री ने बैठक में चर्चा और निर्देश दिए।
रथयात्रा में 31 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा व्यवस्था
अहमदाबाद में 16 जुलाई को होने वाली भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक यात्रा में कड़ा सुरक्षा बंदोबस्त किया गया है। 31 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी रथयात्रा की सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। इस रथयात्रा में 240 से ज्यादा छत पॉइंट, 65 ड्रोन, 2800 से ज्यादा बॉडी वॉर्न कैमरों से अहमदाबाद शहर पुलिस यात्रा पर निगरानी रखेगी। यात्रा के दौरान अहमदाबाद महानगरपालिका के 15 मेडिकल ऑफिसर और 100 स्वास्थ्य कर्मी, 31 फायर व्हीकल और 237 फायर जवान भी तैनात रहेंगे।
16 किलोमीटर लंबी रथयात्रा में 101 ट्रक जुड़ेंगे
16 किलोमीटर लंबी भगवान जगन्नाथ की इस रथयात्रा में 101 ट्रक, 30 अखाड़े, 18 भजन मंडलियां जुड़कर भक्तिमय माहौल बनाएंगी। रथयात्रा शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में हो, इसके लिए रथयात्रा से पहले शांति समिति की 69 मीटिंग, मोहल्ला समिति की 79 बैठक तथा 178 के करीब बैठकें विभिन्न संप्रदायों के धार्मिक अगुआओं के साथ शहर पुलिस ने की हैं।
रथयात्रा में पहली बार हाथियों के लिए लगेंगे डेसिबल मीटर और सीसीटीवी
पिछले साल आयोजित रथयात्रा के दौरान खाड़िया इलाके में एक हाथी तेज आवाज के कारण मौजूद भीड़ की तरफ दौड़ा था। जिसके कारण भगदड़ मच गई थी। इस बार रथयात्रा में शामिल होने वाले 18 हाथियों और उनकी आसपास की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सभी हाथियों पर सीसीटीवी कैमरा लगाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही हाथी के आसपास आवाज कितनी है, उसकी तीव्रता मापने के लिए डेसिबल मीटर लगाने का भी निर्णय लिया गया है। रथयात्रा के दौरान सभी हाथियों की मूवमेंट पर कंट्रोल रूम के जरिए नजर रखी जाएगी। हाथी के आसपास शोर बढ़े तो उसके लिए तुरंत कार्रवाई भी की जाएगी।

















