भुवनेश्वर: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को लोक सेवा भवन में आगामी विश्व प्रसिद्ध पुरी रथयात्रा की अंतिम तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय, सहयोग और निर्बाध संचार व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावी योजना, बेहतर प्रबंधन और आपसी तालमेल के माध्यम से वार्षिक रथयात्रा का आयोजन सुरक्षित, व्यवस्थित और अनुशासित तरीके से किया जाए। यह मुख्यमंत्री की रथयात्रा तैयारियों को लेकर दूसरी व्यापक समीक्षा बैठक थी। इससे पहले 6 जुलाई को उन्होंने पुरी दौरे के दौरान तैयारियों का जायजा लिया था।
सुरक्षा, अनुष्ठानों की समयबद्धता और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने रथयात्रा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की, जिसमें भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों की सुरक्षा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, धार्मिक अनुष्ठानों का समय पर संपादन, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था और अग्निशमन तैयारियां शामिल थीं।
मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि अनुभवी और सक्षम अधिकारियों के नेतृत्व में बेहतर समन्वय के साथ रथयात्रा का सफल संचालन सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी धार्मिक अनुष्ठान निर्धारित समय-सारणी के अनुसार संपन्न हों और पूरे उत्सव के दौरान सभी व्यवस्थाएं प्रभावी बनी रहें। समन्वय के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को प्रत्येक स्तर पर मजबूत संचार व्यवस्था स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभागों के बीच लगातार सूचनाओं का आदान-प्रदान समय पर निर्णय लेने और आपात परिस्थितियों में प्रभावी कार्रवाई करने में मदद करेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि रथयात्रा प्रबंधन के दौरान किसी भी स्तर पर संचार में कोई कमी न रहे।

रथयात्रा के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था
राज्य सरकार ने रथयात्रा को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ओडिशा पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के लगभग 12 हजार जवानों की तैनाती की गई है। इसके अलावा भारतीय तटरक्षक बल और भारतीय नौसेना को भी सतर्क रखा गया है। पूरे सुरक्षा प्रबंधन की निगरानी के लिए 19 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री ने कॉर्डन प्रबंधन, महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा, संदिग्ध व्यक्तियों और नशे के सेवन करने वालों पर निगरानी, यातायात नियंत्रण, आपातकालीन निकासी योजना और मौसम संबंधी तैयारियों की भी समीक्षा की।उन्होंने अधिकारियों को पूरी व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित और त्रुटिरहित बनाने का निर्देश दिया।
आपात स्थिति में भीड़ नियंत्रण के लिए बनाए गए निकासी मार्ग
इस वर्ष रथयात्रा के दौरान आपात परिस्थितियों में श्रद्धालुओं की त्वरित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पहली बार कई आपातकालीन निकासी मार्ग (Evacuation Corridors) चिन्हित किए गए हैं। अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि करीब 30 समर्पित निकासी मार्ग तैयार किए गए हैं, जिनका उपयोग आपात स्थिति में श्रद्धालुओं, पुलिसकर्मियों और राहत दलों की तेज आवाजाही के लिए किया जाएगा।
इन मार्गों को हमेशा खुला रखा जाएगा ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। यह व्यवस्था पिछले वर्ष रथयात्रा के दौरान हुई भीड़ संबंधी घटना के बाद सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है। सुरक्षा संचालन, भीड़ की गतिविधियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया की निगरानी के लिए एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर भी स्थापित किया गया है।
तकनीक आधारित निगरानी और संचार व्यवस्था मजबूत
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और बेहतर सूचना व्यवस्था के लिए पुरी शहर में 473 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।इसके अलावा प्रमुख स्थानों पर 65 बड़े एलईडी स्क्रीन लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से श्रद्धालुओं को ओड़िया, हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में महत्वपूर्ण सूचनाएं और दिशा-निर्देश उपलब्ध कराए जाएंगे।रथयात्रा के दौरान निर्बाध मोबाइल नेटवर्क सुविधा सुनिश्चित करने के लिए 16 स्थायी दूरसंचार टावरों के साथ कई अस्थायी टावरों की व्यवस्था की गई है।श्रद्धालुओं तक महत्वपूर्ण सूचनाएं और अपडेट पहुंचाने के लिए इस वर्ष बल्क मैसेजिंग प्रणाली भी शुरू की गई है।

बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने गुंडिचा मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।अधिकारियों ने बताया कि मंदिर परिसर में विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे, जहां वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग श्रद्धालुओं और अन्य भक्तों को सुगम दर्शन में सहायता प्रदान की जाएगी। रथयात्रा प्रबंधन के प्रत्येक महत्वपूर्ण कार्य के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है, ताकि बेहतर जवाबदेही और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सरकार ने स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।रथयात्रा के लिए विशेष रूप से 1,700 बायो-टॉयलेट स्थापित किए गए हैं। इनकी साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक पांच टॉयलेट की देखरेख के लिए एक स्वयंसेवक नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आठ अस्थायी अस्पताल स्थापित किए गए हैं।बड़ा दांडा (ग्रैंड रोड) सहित प्रमुख क्षेत्रों में पार्किंग व्यवस्था और हाई-मास्ट लाइटिंग को भी मजबूत किया गया है।
रेलवे और यातायात प्रबंधन की विशेष तैयारी
रथयात्रा के दौरान पुरी आने-जाने के लिए 300 से अधिक ट्रेनों के संचालन की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने रेलवे अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ट्रेन समय-सारणी के अनुसार यात्रियों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराई जाए और रेलवे स्टेशनों सहित प्रमुख प्रवेश मार्गों पर भीड़ नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वाहनों और पैदल यात्रियों की सुचारू आवाजाही के लिए यातायात प्रबंधन योजना की भी समीक्षा की गई।
रथों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में
इधर, श्री गुंडिचा यात्रा के लिए भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के तीनों रथों का निर्माण कार्य तेजी से अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। परंपरागत विधि से तैयार किए जा रहे इन पवित्र रथों का निर्माण गहरी आध्यात्मिक आस्था और धार्मिक महत्व से जुड़ा हुआ है।तीनों रथों में लगाए जाने वाले घोड़ों की चित्रकारी का कार्य कलाकार-सेवायतों द्वारा लगभग पूरा कर लिया गया है।
अंतिम तैयारियों के तहत तीनों रथों पर पार्श्व देवताओं की स्थापना भी कर दी गई है, जो दिव्य रथ निर्माण प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है।

वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रस्तुत की तैयारियों की रिपोर्ट
समीक्षा बैठक में श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक डॉ. अरविंद पाढ़ी और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सौमेंद्र प्रियदर्शी ने रथयात्रा की तैयारियों से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में कार्य एवं कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रकाश मिश्रा, मुख्य सचिव अनु गर्ग, विकास आयुक्त डी.के. सिंह, गृह एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा, पुलिस महानिदेशक वाई.बी. खुरानिया, अग्निशमन सेवा महानिदेशक डॉ. सुधांशु षडंगी, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव शाश्वत मिश्रा, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस अधिकारी, पुरी के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, तकनीक, परिवहन और आपातकालीन प्रबंधन सहित सभी क्षेत्रों में व्यापक तैयारियों के साथ ओडिशा सरकार लाखों श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध रथयात्रा अनुभव सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

















