बेलगावी (कर्नाटक)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अत्यंत महत्वपूर्ण और वार्षिक अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक आज सुबह कर्नाटक के बेलगावी में आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है. इस उच्च स्तरीय सांगठनिक बैठक में संघ के शीर्ष नेतृत्व सहित देशभर के प्रमुख पदाधिकारी हिस्सा ले रहे हैं.
बैठक में मुख्य रूप से संघ के शताब्दी वर्ष (2025-26) के कार्यों, देशव्यापी शाखा विस्तार की कार्ययोजना और आगामी संगठनात्मक प्रवासों को लेकर गहन चिंतन और समीक्षा की जाएगी.
सरसंघचालक जी और सरकार्यवाह सहित संघ का शीर्ष नेतृत्व मौजूद
बेलगावी में आयोजित हो रही इस त्रि-दिवसीय बैठक में संघ के पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी और माननीय सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी मुख्य रूप से उपस्थित हैं.
उनके साथ ही संगठन के सभी सह सरकार्यवाह, अखिल भारतीय कार्य विभाग प्रमुख, सह प्रमुख, केंद्रीय कार्यकारिणी के माननीय सदस्य, सभी क्षेत्रों के क्षेत्र प्रचारक व सह क्षेत्र प्रचारक शामिल हुए हैं. इसके अलावा देश के सभी 46 प्रांतों के प्रांत प्रचारक, सह प्रांत प्रचारक और संघ से प्रेरित विविध सामाजिक व वैचारिक संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री भी इस महामंथन में सहभागिता कर रहे हैं.

प्रशिक्षण वर्गों की समीक्षा और अधिकतम शाखा विस्तार पर फोकस
बैठक के एजेंडे और विमर्श के मुख्य बिंदुओं की बात करें तो मार्च 2026 के बाद से संघ के विभिन्न स्तरों पर संपन्न हुए ‘कार्यकर्ता विकास वर्गों’ (प्रशिक्षण वर्गों) के वृत्तांत पर विस्तार से चर्चा की जाएगी.
इसके साथ ही दैनिक शाखाओं के स्तर पर तय की गई कार्ययोजना के जमीनी क्रियान्वयन की दृष्टि से भी समीक्षा होगी.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक अखिल भारतीय प्रान्त प्रचारक बैठक कर्नाटक के बेलगावी में आज सुबह शुरू हुई। बैठक में पू. सरसंघचालक डा. मोहन भागवत जी, मा. सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी, सभी सह सरकार्यवाह, अखिल भारतीय कार्य विभाग प्रमुख, सह प्रमुख, कार्यकारिणी सदस्य, क्षेत्र… pic.twitter.com/xCIdJ9sgrH
— RSS (@RSSorg) July 10, 2026
बैठक के मुख्य रणनीतिक बिंदु:
- शाखा कार्य विस्तार की समीक्षा: संघ शताब्दी के निमित्त अब तक हुए देशव्यापी शाखा विस्तार की प्रगति को परखा जाएगा.
- आगामी विस्तार योजना: देश के उन न्याय पंचायतों या खंडों तक पहुंचने के लिए ‘अधिकतम शाखा विस्तार योजना’ बनाई जाएगी, जहां अभी संघ का कार्य पहुंचना शेष है.
- प्रवास योजना: पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी की वर्ष 2026-27 के लिए अखिल भारतीय प्रवास योजना और विभिन्न क्षेत्रों के दौरों को अंतिम रूप दिया जाएगा.
- शताब्दी कार्यक्रमों का क्रियान्वयन: शताब्दी वर्ष के तहत अब तक संपन्न हुए ऐतिहासिक कार्यक्रमों की समीक्षा होगी और बचे हुए सांगठनिक लक्ष्यों की पूर्ति की रूपरेखा तय होगी.
20 अक्तूबर 2026 तक चलेंगे शताब्दी वर्ष के शेष कार्यक्रम
बैठक से प्राप्त सांगठनिक जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष (2025-26) के अंतर्गत तय किए गए सभी विशेष और शेष जन-जागरण कार्यक्रम आगामी विजयादशमी यानी 20 अक्तूबर 2026 तक निरंतर जारी रहेंगे.
विजयादशमी के इस ऐतिहासिक पड़ाव के बाद शताब्दी निमित्त लिए गए संकल्पों को समाज में स्थायी रूप देने के लिए एक विशेष पंच-परिवर्तन (सामाजिक समरसता, पर्यावरण, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी आचरण और नागरिक कर्तव्य) अभियान को और गति दी जाएगी.
बेलगावी की इस बैठक से निकलने वाले सांगठनिक दिशा-निर्देश आगामी महीनों में संघ के राष्ट्रव्यापी कार्य की दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे.














