ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद तेहरान ने खाड़ी में अमेरिकी बेसों पर हमला कर दिया। इसके साथ ही एक बार फिर से हालात खराब हो गए हैं। इस बीच अब इजरायली खुफिया एजेंसी ने अमेरिका को सूचना दी है कि ईरान राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की नई योजना बना रहा है। यह खबर इस हफ्ते आई है। इजरायली खुफिया एजेंसी ने पेंटागन को यह जानकारी साझा की। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के इस कदम से दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव और बढ़ गया है।
क्या है पूरी जानकारी
अमेरिका ने हाल में ईरान पर हमले किए थे। उसी दौरान ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत भी हुई। इन घटनाओं के बीच इजरायल ने अमेरिका को यह नई खुफिया जानकारी दी। CNN के अनुसार, इजरायल की चेतावनी इसी सप्ताह आई। हालांकि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को पिछले कुछ हफ्तों से इस तरह की खबरें मिल रही थीं, लेकिन इजरायल वाली जानकारी ज्यादा स्पष्ट और एक खास साजिश से जुड़ी बताई जा रही है।
अमेरिका ने अभी तक इस साजिश की अपनी तरफ से पुष्टि नहीं की है। कुछ अमेरिकी अधिकारी मानते हैं कि यह जानकारी इजरायल ट्रंप के फैसलों को प्रभावित करने के लिए दे रहा हो सकता है।
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ट्रंप पर ईरान का पुराना गुस्सा
ईरान ट्रंप से पहले के कार्यकाल में हुए एक बड़े हमले को लेकर बहुत नाराज है। उस समय अमेरिका ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के टॉप कमांडर कासिम सुलेमानी को मार दिया था। ईरान ने उसके बाद से बार-बार ट्रंप से बदला लेने की धमकी दी है। 28 फरवरी को अली खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों के जनाजे के दौरान ईरान में प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप के खिलाफ नारे लगाए गए थे। उन्होंने बैनर भी निकाला जिसमें लिखा था कि हम ट्रंप को मार देंगे।
ट्रंप ऩे भी नाटो सम्मेलन के दौरान यही कहा था
ट्रंप ने खुद इस हफ्ते तुर्की के अंकारा में NATO समिट के दौरान कहा कि ईरान उन्हें खत्म करना चाहता है। उन्होंने कहा, “वे अमेरिकी नेता यानी मुझे खत्म करना चाहते हैं। मैं उनकी हर सूची में हूं। अब तक मैं थोड़ा भाग्यशाली रहा हूं, लेकिन यह हमेशा नहीं चल सकता।”
ट्रंप और नेतन्याहू का रिश्ता
पिछले कुछ हफ्तों में ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के रिश्तों में सुधार हुआ है। पहले ईरान के साथ युद्ध जारी रखने को लेकर दोनों के विचार अलग-अलग थे। नेतन्याहू ज्यादा आक्रामक रुख रखते हैं और लड़ाई को आगे बढ़ाने की बात करते हैं। ट्रंप वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर की वजह से संघर्ष से बाहर निकलने का रास्ता ढूंढ रहे थे।
पिछले महीने अमेरिका और ईरान के बीच एक नाजुक संघर्ष विराम समझौता हुआ था, जो अभी भी कमजोर बना हुआ है। गुरुवार को ट्रंप और नेतन्याहू की फिर बात हुई। दोनों देशों ने समन्वय जारी रखने पर सहमति जताई। ट्रंप ने नेतन्याहू को खाड़ी इलाके में हाल की अमेरिकी गतिविधियों की जानकारी भी दी।











