
खाड़ी में पिछले कुछ दिनों में फैली शांति अब खत्म हो गई है। अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से युद्ध शुरू हो गया है। इसी क्रम में बीते दिन दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमले किए। ये हमले जून में हुए अस्थायी समझौते के बाद सबसे बड़े स्तर के थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि नाजुक युद्धविराम अब खत्म हो गया है। ईरान ने जवाब में अमेरिका के सहयोगी देशों कुवैत और कतर पर हमले किए और अमेरिका पर आरोप लगाया कि उसने उनके एकमात्र परमाणु बिजलीघर के पास हमला किया है।
ये घटनाएं ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम संस्कार के ठीक पहले हुईं। खामेनेई की मौत इस साल फरवरी में अमेरिका-इजराइल के हवाई हमलों में हुई थी। उनका शव मशहद शहर के इमाम रज़ा दरगाह के स्मारक हॉल में दफनाया गया। राज्य प्रसारक ने शुक्रवार को यह खबर दी। मशहद में बड़ी भीड़ जमा हुई थी। कुछ लोगों के पास बैनर थे जिन पर “हम ट्रंप को मार डालेंगे” लिखा था। खामेनेई के बेटे और उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई समारोह में नहीं दिखे। वे उसी हमलों में घायल हुए थे और अब सिर्फ लिखित बयान देते हैं।
गौरतलब है कि पिछले माह 17 जून को तेहरान और वॉशिंगटन के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) हुआ था। इसका मकसद युद्धविराम बढ़ाना और स्थायी शांति के लिए बातचीत का रास्ता बनाना था। अमेरिका का कहना है कि वह अभी भी ईरान के साथ समाधान ढूंढने के लिए तैयार है और तकनीकी बातें जारी हैं। लेकिन ट्रंप ने घोषणा कर दी कि समझौता खत्म। वहीं दूसरी ओर इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल कट्ज ने कहा कि जरूरत पड़ी तो वे ईरान पर फिर से बड़े हमले कर सकते हैं।
ईरान के अधिकारियों ने आरोप लगाया कि बुशहर प्रांत में हमले हुए। वहां देश का एकमात्र नागरिक परमाणु बिजलीघर है। डिप्टी गवर्नर एहसान ने कहा कि परमाणु प्लांट के आसपास, चोगदाक शहर में सैन्य ठिकाने और दक्षिण में मछली पकड़ने वाले घाट पर हमले हुए। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी संगठन ने पहले चेतावनी दी थी कि ऐसे इलाकों पर हमले से परमाणु सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर ईरान में विस्फोटों के वीडियो पोस्ट किए और चेतावनी दी – “यह कल ईरान द्वारा जहाजों पर बमबारी का जवाब है। अगर फिर हुआ तो और बुरा होगा।” इससे पहले उन्होंने कहा था कि हमले लंबे नहीं होंगे, बहुत तेज होंगे। अमेरिकी सेना ने बताया कि उन्होंने ईरान में करीब 90 ठिकानों पर हमले किए। मिसाइल लॉन्चर और रनवे निशाना थे। मकसद हॉर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की आजादी पर खतरा कम करना था। यह जगह दुनिया के 20% तेल और गैस के लिए महत्वपूर्ण है। हमलों से तेल की कीमतें पहले बढ़ीं, फिर शांत होने पर सामान्य हो गईं।
ईरान ने अमेरिका पर युद्ध अपराध का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मशहद जाने वाले दो पुलों पर हमले हुए। ये पुल चीन के साथ व्यापार के लिए जरूरी हैं। ट्रंप पहले भी सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले की धमकी दे चुके हैं। ईरानी मीडिया ने कई शहरों में विस्फोटों की खबर दी। खूजिस्तान प्रांत में कम से कम तीन लोग मारे गए। दक्षिण-पूर्व के इरानशहर एयरपोर्ट में एक फायरफाइटर की मौत हुई। बुधवार के हमलों में ईरानी सेना के नौ जवान मारे गए।