प्रतिबंधित खालिस्तानी आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनैशनल व पाकिस्तान की बदनाम खुफिया एजेंसी आईएसआई की पंजाब को दहलाने की साजिश को अमृतसर पुलिस ने असफल कर दिया है।
पंजाब पुलिस के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल अमृतसर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 युवकों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 12 अवैध पिस्तौल और 6 हैंड ग्रेनेड बरामद किए हैं। इस बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और पूरे मामले की कई पहलुओं से जांच शुरू कर दी गई है।
शुरुआती जांच में हथियारों और विस्फोटकों के स्रोत, इनके संभावित इस्तेमाल तथा आरोपियों के आपराधिक संपर्कों का पता लगाया जा रहा है।
आरोपियों का उद्देश्य पंजाब का महौल खराब करना
पुलिस के अनुसार इस पूरे नेटवर्क को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और विदेश में सक्रिय बब्बर खालसा इंटरनेशनल के ऑपरेटिव का समर्थन प्राप्त था। आरोपियों का मकसद पंजाब में हथियार और विस्फोटक पहुंचाकर प्रदेश का माहौल खराब करना तथा लोगों में दहशत फैलाना था। समय रहते की गई कार्रवाई से पुलिस ने एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया।
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। सूचना मिली थी कि कुछ युवक हथियारों और विस्फोटकों के साथ थाना लोपोके क्षेत्र में मौजूद हैं। सूचना मिलते ही राज्य विशेष अभियान प्रकोष्ठ की टीम ने विशेष अभियान चलाया और रामतीरथ के निकट घेराबंदी कर दी। पुलिस टीम को देखते ही आरोपी मौके से भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन सतर्क पुलिसकर्मियों ने तीनों को मौके पर ही काबू कर लिया।
तीन आरोपी किए गए गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चिंटू पुत्र शिंदा, जोबनप्रीत सिंह पुत्र मेजर सिंह और गुरप्रीत सिंह पुत्र गुरमीत सिंह के रूप में हुई है। तीनों थाना लोपोके क्षेत्र के गांव कक्कड़ के रहने वाले हैं। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके कब्जे से 12 अवैध पिस्तौल और 6 हैंड ग्रेनेड बरामद किए। बरामद हथियारों और विस्फोटकों को कब्जे में लेकर उनकी वैज्ञानिक जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस कर रही है और पूछताछ
पुलिस का कहना है कि अब यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी किसी संगठित अपराध गिरोह, अंतरराज्यीय हथियार तस्कर गिरोह या अन्य आपराधिक नेटवर्क से जुड़े हैं या नहीं। पूछताछ के दौरान यह भी जानने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद हथियार और हैंड ग्रेनेड कहां से लाए गए थे और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।
कॉल व इंटरनेट गतिविधियां तलाश रही पुलिस
जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल विवरण, इंटरनेट गतिविधियों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि आरोपियों का पहले किसी आपराधिक घटना से संबंध रहा है या नहीं।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि बरामद पिस्तौलों की बैलिस्टिक जांच कराई जाएगी, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि इनका इस्तेमाल पहले किसी वारदात में हुआ है या नहीं।














