जम्मू कश्मीर के शोपिया जिले में सुरक्षा बलों ने एक ऐसे आतंकी का अंत कर दिया, जिसने देश के खिलाफ खून से साजिश लिखी थी। आखिरकार लश्कर के टाप कमांडर जाकिर गनी को पांच दिन से जारी सर्च अभियान में सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिया है। जाकिर गनी का नाम हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी 23 वांछित आतंकियों की सूची में आठवें स्थान पर शामिल था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार वह वर्ष 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के गुनाहगारों में भी शामिल था।
सैदापोरा क्षेत्र में शनिवार को खुफिया सूचना मिलने के बाद सेना, शोपिया स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने संयुक्त अभियान शुरू किया था। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर लगातार तलाशी अभियान चलाया। अभियान के पांचवें दिन आतंकियों की ओर से गोलीबारी हुई। सुरक्षा बलों ने तुरंत जवाब दिया और थोड़ी देर चली मुठभेड़ में हारून रशीद गनई, शुनू उर्फ जाकिर गनी मारा गया। मुठभेड़ के बाद उसके पास से हथियार और गोला बारूद बरामद किया गया। पूरे इलाके की गहन तलाशी जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां कोई दूसरा आतंकी छिपा न हो।जम्मू कश्मीर पुलिस ने इस कार्रवाई के बाद अपने आधिकारिक संदेश में साफ शब्दों में कहा कि “भाग सकते हो, लेकिन बच नहीं सकते।” यह संदेश केवल एक आतंकी के लिए नहीं बल्कि उन सभी आतंकियों के लिए है जो अब भी घाटी में हिंसा फैलाने की साजिश रच रहे हैं।

जाकिर गनी का मारा जाना केवल एक आतंकी का अंत नहीं है। यह उन निर्दोष लोगों के लिए न्याय की दिशा में एक मजबूत कदम है जिन्होंने पहलगाम जैसे आतंकी हमलों में अपने अपनों को खोया। ऐसे हमलों ने अनेक परिवारों की खुशियां छीन लीं और पूरे देश को दुख और आक्रोश से भर दिया था। हाल के दिनों में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 23 आतंकियों की सूची जारी कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकेत दिया था। उस सूची में शामिल जाकिर गनी का मारा जाना यह दिखाता है कि सुरक्षा एजेंसियां केवल सूची जारी करने तक सीमित नहीं हैं बल्कि एक एक आतंकी को खोज कर उसके अंजाम तक पहुंचाने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं।
अधिकारियों ने कहा है कि अभियान पूरी तरह समाप्त होने और क्षेत्र को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों ने दोहराया है कि जम्मू कश्मीर में आतंक के पूरे तंत्र को समाप्त करने तक अभियान लगातार जारी रहेंगे।शोपिया की यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि आतंक कितना भी छिपने की कोशिश करे, सुरक्षा बलों की पहुंच से बच पाना उसके लिए अब लगातार कठिन होता जा रहा है। पहलगाम के गुनाहगार का अंत उन सभी आतंकियों के लिए स्पष्ट चेतावनी है कि कानून और सुरक्षा बलों की पकड़ से बच निकलना अब संभव नहीं है।
गृह मंत्रालय द्वारा जारी 23 की सूची में…
हारून रशीद गनई, शुनू भारतीय मूल का आतंकी है और वर्तमान में पाकिस्तान में रहकर लश्कर ए तैयबा से जुडा है। वर्ष 2018 में पाकिस्तान पहुंचकर संगठन में शामिल हुआ। कश्मीर के युवाओं की भर्ती और आतंकियों को हथियार तथा गोला बारूद उपलब्ध कराने में सक्रिय रहा
















