नई दिल्ली/पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल में बुधवार को एक बार फिर से TMC और BJP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। इसके साथ ही जमकर हंगामा और बवाल हुआ। यह हंगामा कोलकाता में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की रैली के दौरान हुआ। यह रैली बालीगंज फाड़ी से हाजरा मोड़ के बीच निकाली जा रही थी। रैली के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। जिससे पूरे इलाके में तैनाव का माहौल बन गया। न्यूज एजेंसी एएनआई की फुटेज में भी यह झड़प साफ दिखाई दे रही है।
दरअसल यह पूरा बवाल बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के विरोध में ही शुरू हुआ था। इस वारदात के खिलाफ टीएमसी ने कलकत्ता हाई कोर्ट की मंजूरी के बाद रैली निकाली थी। चूंकि इस घटना के मुख्य आरोपी प्रभा मंडल का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया है, इसलिए राज्य में पहले से ही सियासी पारा चढ़ा हुआ था। बस इसी गुस्से और राजनीति के चलते जब यह मार्च बालीगंज फाड़ी से हाजरा मोड़ की तरफ बढ़ रहा था, तो टीएमसी और भाजपा के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए और शांतिपूर्ण रैली देखते ही देखते अखाड़ा बन गई।
बीच सड़क हाई-वोल्टेज ड्रामा….लगे चोर-चोर के नारे
यह हाई-वोल्टेज ड्रामा उस समय शुरू हुआ जब ममता बनर्जी की रैली बालीगंज फाड़ी से हाजरा मोड़ की तरफ बढ़ रही थी। इसी दौरान टीएमसी और बीजेपी कार्यकर्ता एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए। दोनों तरफ से तीखी बहस शुरू हुई जो धक्का-मुक्की में बदल गई। इस दौरान चोर-चोर के नारे भी खूब लगे।दरअसल यह पूरा बवाल बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के विरोध में ही शुरू हुआ था। इस वारदात के खिलाफ टीएमसी ने कलकत्ता हाई कोर्ट की मंजूरी के बाद रैली निकाली थी।
TMC-BJP कार्यकर्ताओं के हंगामे की 5 बातें
–TMC नेता और पश्चिम बंगाल की पूर्व CM ममता बनर्जी के नेतृत्व में रैली निकाली जा रही थी।
-इस रैली के दौरान BJP-TMC कार्यकर्ता एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए और झड़प हो गई।
-यह पूरी झड़प और धक्का-मुक्की कोलकाता के बालीगंज फाड़ी से हाजरा मोड़ के बीच हुई।
-TMC-BJP कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ चोर-चोर के नारे लगाए और जमकर हंगामा हुआ।
-पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को संभाला

















