श्री राम मंदिर में चढ़ावे की खबर के बाद अब बद्री केदारनाथ धाम में चढ़ावे को लेकर देवभूमि में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। बद्री केदार मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले में BKTC की शिकायत पर बद्रीनाथ पुलिस स्टेशन में IPC की धारा 306 और 316(5) के तहत केस दर्ज किया गया है। श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के चेयरमैन के ऑफिस में तैनात पर्सनल असिस्टेंट प्रमोद नौटियाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। डिपार्टमेंटल जांच और सस्पेंशन की कार्रवाई के बाद अब पुलिस ने भी उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
मंदिर धन निकासी मामले में FIR, कर्मचारी पर शुरुआती जांच में आरोप
बीकेटीसी के मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवन की लिखित शिकायत के आधार पर, 8 जुलाई, 2026 को बद्रीनाथ पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 0006 दर्ज की गई थी। FIR में इंडियन पीनल कोड (BNS), 2023 के सेक्शन 306 और 316(5) का ज़िक्र है। शिकायत के अनुसार, 2 जुलाई, 2026 को सोशल मीडिया के ज़रिए बद्रीनाथ मंदिर में कथित फाइनेंशियल गड़बड़ियों की जानकारी मिलने के बाद, मंदिर कमिटी ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों वाली जांच कमिटी बनाई। शुरुआती जांच में पहली नज़र में यह कन्फर्म हुआ कि संबंधित कर्मचारी, प्रमोद नौटियाल ने कथित तौर पर सुबह 9 बजे से 9:30 बजे के बीच बिना इजाज़त के मंदिर का पैसा निकाला।
इसके बाद 7 जुलाई को बीकेटीसी ने प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। समिति ने माना था कि उन्हें पद पर बनाए रखने से निष्पक्ष जांच प्रभावित होने की आशंका है। अब बीकेटीसी की ओर से पुलिस में तहरीर दिए जाने के बाद मामला विभागीय जांच से आगे बढ़कर आपराधिक जांच के दायरे में पहुंच गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। हालांकि, एफआईआर दर्ज होना आरोपों की अंतिम पुष्टि नहीं है। मामले में दोष या निर्दोषता का निर्धारण पुलिस जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर श्री बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे से संबंधित शिकायतों की जांच हेतु उच्चस्तरीय समिति गठित
श्री बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे आदि के संबंध में प्राप्त कथित अनियमितताओं की शिकायतों एवं प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखण्ड शासन ने मामले की गहन जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। समिति के अध्यक्ष आयुक्त गढ़वाल मंडल होंगे। समिति में प्रबंध निदेशक, एनएचएम संदीप तिवारी तथा कार्यालय महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं। सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल द्वारा जारी आदेश के अनुसार समिति मंदिर में प्राप्त होने वाले दान-चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच करेगी तथा 15 दिनों के भीतर अपनी जांच आख्या एवं संस्तुतियां शासन को प्रस्तुत करेगी। जांच के दौरान आवश्यकता पड़ने पर समिति किसी भी अधिकारी, विशेषज्ञ अथवा अन्य संबंधित व्यक्ति का सहयोग एवं परामर्श प्राप्त कर सकेगी। साथ ही समिति दान-चढ़ावे के प्रबंधन तंत्र को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपायों एवं सुझावों से भी शासन को अवगत कराएगी।
















