अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जॉन बोल्टन ने भारत और अमेरिका के रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हाल के समय में दोनों देशों के बीच कुछ मुद्दों पर तनाव जरूर बढ़ा है, लेकिन यह हमेशा नहीं रहेगा। उनका मानना है कि दोनों देश फिर से पहले की तरह मजबूत और भरोसेमंद साझेदार बन सकते हैं। एक इंटरव्यू में बोल्टन ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कई नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ट्रंप सरकार के कुछ फैसलों से भारत और अमेरिका के बीच वर्षों से बना भरोसा कमजोर हुआ है। खासकर रूस से तेल खरीदने के मामले में भारत पर भारी टैरिफ लगाने को उन्होंने गलत कदम बताया।
भारत पर टैरिफ लगाने की आलोचना
बोल्टन ने कहा कि भारत जैसे अहम सहयोगी देश पर जरूरत से ज्यादा दबाव बनाना सही नहीं था। उनका मानना है कि इस फैसले से दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को नुकसान पहुंचा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी नीतियां भारत को रूस और चीन के ज्यादा करीब ले जा सकती हैं। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि समय के साथ दोनों देशों के रिश्ते फिर सामान्य हो जाएंगे। जॉन बोल्टन ने ट्रंप द्वारा भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम कराने का श्रेय लेने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि साल 2019 में दोनों देशों के बीच तनाव के दौरान अमेरिका ने बातचीत जरूर की थी, लेकिन उसने कभी इसका श्रेय लेने की कोशिश नहीं की। उनके मुताबिक, भारत और पाकिस्तान के बीच के मुद्दे दोनों देशों को ही आपसी बातचीत से सुलझाने चाहिए।
बोल्टन ने कहा कि पाकिस्तान में सेना का प्रभाव लंबे समय से बना हुआ है और फिलहाल वहां लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर नजर आती है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका हमेशा लोकतांत्रिक सरकारों के साथ काम करने की नीति पर चलता रहा है। ट्रंप पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी विदेश नीति किसी लंबी रणनीति या इतिहास की समझ पर आधारित नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान को अलग-अलग नजरिए से देखना ही सही नीति है। बोल्टन ने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्ते कई दशकों की साझेदारी और भरोसे पर टिके हैं। कुछ फैसलों से मतभेद जरूर बढ़े हैं, लेकिन दोनों देशों के साझा हित और मजबूत सहयोग भविष्य में इन रिश्तों को फिर मजबूती देंगे। उनके अनुसार, अगर दोनों देश एक-दूसरे की चिंताओं को समझते हुए आगे बढ़ें, तो भारत-अमेरिका संबंध पहले से भी ज्यादा मजबूत बन सकते हैं।

















