
भुवनेश्वर: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को पुरी में आयोजित वार्षिक रथ यात्रा की तैयारियों की एक व्यापक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक के शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित संचालन के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने सरकार के विभिन्न विभागों, अधिकारियों, कर्मचारियों और मंदिर सेवकों के बीच निर्बाध समन्वय के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को प्रभावी ढंग से संभालने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी और अनुशासित कार्यान्वयन अत्यंत आवश्यक है। यह बैठक पुरी टाउन हॉल में आयोजित की गई थी, जिसमें उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव और प्रवती परिदा, वरिष्ठ मंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक तथा विभिन्न विभागों के शीर्ष अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने भक्ति, अनुशासन और विभागीय समन्वय पर दिया जोर
समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि रथ यात्रा केवल एक प्रशासनिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह ओडिशा, भारत और विश्व भर के लाखों श्रद्धालुओं की गहरी आस्था से जुड़ा एक पवित्र धार्मिक पर्व है। उन्होंने कहा कि महाप्रभु जगन्नाथ के आशीर्वाद से सभी हितधारकों को अपनी जिम्मेदारियाँ पूर्ण समर्पण, निष्ठा और सेवा भावना के साथ निभानी चाहिए। उन्होंने कहा, “ज्ञान, अनुभव और विशेषज्ञता को एक साथ जोड़कर हम एक त्रुटिरहित और सुव्यवस्थित रथ यात्रा सुनिश्चित कर सकते हैं।” मुख्यमंत्री ने महाप्रभु जगन्नाथ को करोड़ों भक्तों का आराध्य देव बताते हुए कहा कि पूरी दुनिया हर वर्ष पुरी रथ यात्रा पर निगाह रखती है, इसलिए इसका सफल आयोजन केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को महाप्रभु की सेवा मानकर निभाएंगे और पूरी निष्ठा के साथ तैयारियों को सफल बनाएंगे।
सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और आवश्यक सेवाओं के लिए व्यापक व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने बताया कि सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जिसमें पुरी और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति, परिवहन और यातायात प्रबंधन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को सुचारु रूप से संभाला जा सके। माझी ने अधिकारियों को पिछले वर्षों के अनुभवों से सीख लेने और तैयारियों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों के बीच रियल-टाइम समन्वय पर विशेष जोर दिया ताकि आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। मुख्यमंत्री ने मंदिर सेवकों की भी सराहना की, जिन्होंने रथ यात्रा से जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों और पारंपरिक प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कॉर्डन पास प्रणाली पर सख्त नियंत्रण; अतिरिक्त पास पर रोक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्धारित सीमा से अधिक किसी भी अतिरिक्त कॉर्डन पास को जारी नहीं किया जाएगा।
उन्होंने पुरी जिला कलेक्टर को सख्ती से नियमों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया और कहा कि कॉर्डन पास केवल उन्हीं सेवकों और अधिकारियों को जारी किए जाएं जो मंदिर अनुष्ठानों और औपचारिक कर्तव्यों से सीधे जुड़े हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि कोई अनधिकृत प्रवेश करता है तो उसके साथ सम्मानजनक व्यवहार करते हुए उसे बाहर निकाला जाए, लेकिन नियमों का सख्ती से पालन भी सुनिश्चित किया जाए। कॉर्डन प्रबंधन में तैनात अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया गया ताकि भीड़ नियंत्रण और प्रवेश प्रतिबंधों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान; दुराचार के प्रति जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री ने महिला श्रद्धालुओं के प्रति किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को तत्काल और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक श्रद्धालु, विशेषकर महिलाएं और बच्चे, की सुरक्षा और गरिमा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। माझी ने सभी हितधारकों, जिनमें सेवक और अधिकारी शामिल हैं, से अपील की कि वे आपसी समन्वय बनाए रखें और पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करें।
तकनीक और मीडिया के माध्यम से रियल-टाइम जानकारी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सूचना के त्वरित प्रसार के लिए प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, एफएम रेडियो, सोशल मीडिया, सार्वजनिक घोषणा प्रणाली और विभागीय वेबसाइटों का व्यापक उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को अनुष्ठानों के समय, यातायात व्यवस्था, दर्शन कार्यक्रम और आपातकालीन सूचनाओं की रियल-टाइम जानकारी मिलनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि समय पर और सही जानकारी के प्रसार से भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा, भ्रम की स्थिति कम होगी और अव्यवस्था से बचा जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखने और गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। रथ यात्रा एक वैश्विक आध्यात्मिक आयोजन मुख्यमंत्री ने रथ यात्रा को ओडिशा की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह आयोजन दुनिया भर से करोड़ों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। उन्होंने कहा कि इस महापर्व की सफलता सामूहिक भागीदारी, समन्वय और भक्ति पर निर्भर करती है। माझी ने आशा व्यक्त की कि श्रद्धालु सुरक्षित और आध्यात्मिक रूप से संतुष्ट अनुभव लेकर लौटेंगे, जिसे प्रशासन की सफलता का सबसे बड़ा मापदंड माना जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुरी जिला प्रशासन द्वारा तैयार आधिकारिक पुस्तिका “रूपरेखा – रथ यात्रा 2026” का भी विमोचन किया। बैठक में उपमुख्यमंत्री, मंत्रीगण, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य सचिव ने सभी विभागों की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी, जबकि डीजीपी ने सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था से जुड़ी योजनाओं पर प्रस्तुति दी। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता, परिवहन, बिजली आपूर्ति और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था की भी जानकारी साझा की।
पुरी में रथ यात्रा की रेलवे तैयारियों की समीक्षा
पुरी में आयोजित एक समानांतर समीक्षा बैठक में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के साथ आगामी रथ यात्रा के लिए भारतीय रेल की तैयारियों का आकलन किया। समीक्षा का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि पवित्र नगरी पुरी में पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा व्यवस्था उपलब्ध हो। 300 से अधिक विशेष ट्रेनों की योजना; व्यापक यात्री प्रबंधन रेलवे अधिकारियों ने जानकारी दी कि त्योहार अवधि के दौरान यात्री भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 300 से अधिक विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी। इसके साथ ही 30,000 से अधिक यात्रियों की क्षमता वाले समर्पित होल्डिंग क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं।
रेलवे स्टेशन परिसर में अतिरिक्त टिकट काउंटर और बेहतर यात्री सुविधा व्यवस्था भी की जा रही है। खाद्य आपूर्ति, पेयजल व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण प्रणाली और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को भी और मजबूत किया जा रहा है। रेल मंत्री ने भीड़ प्रबंधन प्रणाली, यात्री आवाजाही और परिचालन तैयारियों की समग्र समीक्षा की। भारतीय रेल और ईस्ट कोस्ट रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें त्योहार अवधि के लिए तैयार की गई एकीकृत संचालन योजना की जानकारी दी। वैष्णव ने पुरी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर यात्री सुविधाओं, सुरक्षा प्रोटोकॉल, प्लेटफॉर्म प्रबंधन और भीड़ निकासी व्यवस्था की समीक्षा भी की। सुरक्षित और सुचारु यात्रा के प्रति प्रतिबद्धता अधिकारियों ने बताया कि रेल मंत्रालय और ओडिशा सरकार के बीच समन्वित प्रयास एक मजबूत संस्थागत प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जिसका उद्देश्य देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक के दौरान सुरक्षित और कुशल जन-आवागमन सुनिश्चित करना है। यह पहल तीर्थयात्रियों के यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने और पीक दिनों में भीड़भाड़ को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने पुरी में आपात चिकित्सा तैयारियों की समीक्षा की
ओडिशा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग ने रथ यात्रा से पूर्व पुरी में मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी (CDMO) कार्यालय में स्वास्थ्य तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को निर्बाध और उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हों।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती और चिकित्सा व्यवस्था
मंत्री ने बताया कि राज्य भर से विशेषज्ञ डॉक्टर, नर्सिंग अधिकारी और फार्मासिस्टों को रथ यात्रा ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा, ताकि चिकित्सा प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत किया जा सके। उन्होंने कहा कि आपात स्थितियों से निपटने और श्रद्धालुओं को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त मानव संसाधन की योजना बनाई गई है।
एम्बुलेंस नेटवर्क का विस्तार
आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के लिए पुरी जिले में 46 अतिरिक्त 108 एम्बुलेंस तैनात की जाएंगी। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग-203 के प्रमुख हिस्सों पर 10 अतिरिक्त एम्बुलेंस भी तैनात रहेंगी, ताकि आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके। मंदिर क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण श्री जगन्नाथ मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष रूप से मजबूत किया जा रहा है। इसके तहत ट्रैफिक प्रबंधन में सुधार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना और एम्बुलेंस सेवाओं का समन्वित संचालन शामिल है। मंत्री ने डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए आवास, परिवहन और भोजन जैसी लॉजिस्टिक सुविधाओं को भी मजबूत करने के निर्देश दिए।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
डॉ. महालिंग ने दोहराया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समन्वित योजना और महाप्रभु के आशीर्वाद से इस वर्ष की रथ यात्रा सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल होगी। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, ओडिशा राज्य चिकित्सा निगम और स्वास्थ्य सेवा निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार, भारतीय रेल और स्वास्थ्य प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से रथ यात्रा 2026 के लिए बहु-स्तरीय रणनीति लागू की गई है। कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल, विस्तारित रेल सेवाएं, उन्नत स्वास्थ्य ढांचा और रियल-टाइम सूचना प्रणाली के माध्यम से प्रशासन भीड़ और सेवाओं के प्रभावी प्रबंधन पर विशेष ध्यान दे रहा है। अधिकारियों ने दोहराया कि सरकारी एजेंसियों और मंदिर सेवकों के संयुक्त प्रयास से लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध रथ यात्रा अनुभव प्राप्त होगा। कैप्शन: मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी ने 6 जुलाई 2026 को पुरी टाउन हॉल में आयोजित रथ यात्रा 2026 की विशेष समीक्षा बैठक में भाग लिया।
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