देहरादून: मंडी (हिमाचल प्रदेश) में उत्तराखण्ड के किंग कोबरा पर आधारित बहुचर्चित वन्यजीव डॉक्यूमेंट्री फिल्म “द डिवाइन मदर” ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम कर ली है। फिल्म को 3 से 5 जुलाई 2026 तक हिमाचल प्रदेश के मंडी में आयोजित देवभूमि इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इस प्रतिष्ठित फिल्म महोत्सव में देशभर से प्राप्त प्रविष्टियों में से 25 फिल्मों का प्रदर्शन हेतु चयन किया गया था। द डिवाइन मदर पहले इन 25 चयनित फिल्मों में शामिल हुई और बाद में निर्णायक मंडल ने इसे सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री घोषित किया।
फिल्म का निर्माण पद्मश्री सम्मानित प्रख्यात वन्यजीव फोटोग्राफर अनूप साह तथा वन्यजीव संरक्षण के प्रति समर्पित पार्थ शर्मा ने किया है। फिल्म का निर्देशन प्रसिद्ध फिल्मकार अजय सूरी ने किया है। लगभग 18 महीनों तक कुमाऊँ और गढ़वाल के दुर्गम वनों में फिल्माई गई यह डॉक्यूमेंट्री किंग कोबरा के रहस्यमय जीवन, उसके व्यवहार तथा हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है। फिल्म का शीर्षक “द डिवाइन मदर” मादा किंग कोबरा की अद्भुत मातृत्व भावना से प्रेरित है। किंग कोबरा विश्व की उन विरल सर्प प्रजातियों में से एक है जो अपना घोंसला बनाती है तथा अंडों की रक्षा के लिए असाधारण समर्पण का परिचय देती है। फिल्म इसी अनूठे व्यवहार के माध्यम से प्रकृति, संरक्षण और जैव विविधता के महत्व को रेखांकित करती है।
वन्यजीव सिनेमा के लिए गौरव का विषय
देवभूमि इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में मिला यह सम्मान उत्तराखण्ड तथा भारतीय वन्यजीव सिनेमा के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। फिल्म को इसकी उत्कृष्ट सिनेमैटोग्राफी, शोधपूर्ण प्रस्तुति तथा सशक्त संरक्षण संदेश के लिए निर्णायकों और दर्शकों द्वारा सराहा गया। फिल्म के निर्माताओं ने इस सम्मान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि वन्यजीव संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने और उत्तराखण्ड की समृद्ध जैव विविधता को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उल्लेखनीय है कि द डिवाइन मदर का चयन हाल ही में जर्मनी में सितंबर 2026 में आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध ग्रीन स्क्रीन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के लिए भी किया गया है, जहाँ यह उत्तराखण्ड की समृद्ध वन्य संपदा और प्राकृतिक धरोहर का वैश्विक मंच पर प्रतिनिधित्व करेगी।











