भारत

चीन ने अरुणाचल प्रदेश में अतिक्रमण किया? पाक प्रोपगैंडा की भारतीय सेना फैक्ट चेक में खुली पोल

अरुणाचल प्रदेश में चीन के अतिक्रमण की खबर पाकिस्तान समर्थित प्रोपगैंडा का हिस्सा है। भारतीय सेना ने इसे पूरी तरह झूठा बताया। तक्षिंग क्षेत्र में फैली अफवाह का फैक्ट चेक जानें।

Published by
कुलदीप सिंह

हाल ही में एक खबर आई कि अरुणाचल प्रदेश की सीमा के अंदर चीन ने अतिक्रमण कर लिया है। इस घटना को पाकिस्तान समर्थित प्रोपागेंडा अकाउंट ने फैलाया। इस घटना फैक्ट चेक करते हुए भारतीय सेना के फैक्ट चेक अकाउंट ने स्पष्ट किया कि ये सब भारत को बदनाम करने की साजिश मात्र है।

सेना का दावा है कि पाकिस्तान आधारित कुछ प्रोपगैंडा हैंडल सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैला रहे थे कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश में भारतीय क्षेत्र आधिकारिक तौर पर कब्जा कर लिया है और भारतीय सेना इसे शर्म के मारे छिपा रही है। लेकिन, अब ये खबर पूरी तरह से झूठ निकली है।

क्या है हकीकत?

तक्षिंग (अपर सुबनसिरी) इलाके में कुछ स्थानीय लोगों ने सीमा पर चीनी गतिविधियों और सड़क बनाने के बारे में चिंता जताई थी। ये विवादित बॉर्डर एरिया हैं जहां दोनों तरफ गतिविधियां चलती रहती हैं। भारतीय सेना ने इन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है। आधिकारिक बयान में कहा गया: “हमने कुछ मीडिया रिपोर्ट्स देखी हैं जिनमें चीनी पीएलए द्वारा अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ और कैंप लगाने का आरोप लगाया गया है। ये रिपोर्ट्स गलत और बिना किसी आधार की हैं।”

कैसे फैलती है यह गलत सूचना?

  • बॉर्डर पर सामान्य इंफ्रास्ट्रक्चर काम या लोकल शिकायतें
  • इन्हें “क्षेत्र खोने” जैसा बड़ा रूप देकर सनसनी फैलाना
  • घबराहट और भारत विरोधी माहौल बनाना
  • इमोशनल पोस्ट और वीडियो के जरिए तेजी से फैलाना

इससे लोगों का अपने सैनिकों पर भरोसा कम करने की कोशिश की जाती है। सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी पीआईबी ने भी इसे रीपोस्ट करते हुए भारतीय सेना के बयानों और विश्वसनीय डिफेंस सोर्सेज पर भरोसा करने का सुझाव दिया है।

Share