कानपुर में एक युवक पर दो हिंदू युवतियों को अलग-अलग पहचान बताकर शादी करने, धर्म छिपाने, धर्मांतरण का दबाव बनाने और घरेलू हिंसा करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही दोनों महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
धर्मांतरण का आरोप
आरोप के अनुसार, मूल रूप से आगरा का रहने वाला इरशाद करीब आठ साल पहले इंस्टाग्राम पर खुद को “विशाल” बताकर हरदोई की एक युवती के संपर्क में आया। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और युवती कानपुर आ गई। कुछ समय साथ रहने के बाद दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली। इसी दौरान युवती को पता चला कि विशाल का असली नाम इरशाद है और उसने अपना धर्म भी छिपाया था। शादी के बाद दोनों लखनऊ में रहने लगे और उनके एक बेटे का जन्म हुआ। महिला का आरोप है कि पिछले दो वर्षों से इरशाद उस पर धर्म बदलने, मांसाहार खाने और बेटे का खतना कराने का दबाव बना रहा था। विरोध करने पर वह मारपीट करता था। महिला का यह भी कहना है कि उसे पूजा-पाठ करने से रोका जाता था और उसकी इच्छा के खिलाफ बेटे का मुस्लिम नाम रखा गया। इसी बीच महिला को पता चला कि इरशाद ने अपनी पहली शादी छिपाकर कोयला नगर की एक दूसरी हिंदू युवती से भी विवाह कर लिया। आरोप है कि दूसरी युवती से भी उसने अपनी असली पहचान और पहली शादी की बात छिपाई। जब वह गर्भवती हुई तो इरशाद उसे भी उसी घर में ले आया, जहां पहली पत्नी पहले से रह रही थी।
पीड़िता का आरोप है कि इरशाद ने कई महीनों तक उसे और उसके बेटे को घर में बंद करके रखा। घर से बाहर जाने की अनुमति नहीं थी और विरोध करने पर मारपीट की जाती थी। सूचना मिलने पर पुलिस और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और दोनों महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला। पड़ोसियों का कहना है कि अक्सर घर से महिलाओं के रोने और चिल्लाने की आवाजें आती थीं, लेकिन किसी को घर के अंदर जाने की अनुमति नहीं थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने इंस्टाग्राम पर “विशाल” और “इरशाद” नाम से अलग-अलग आईडी बना रखी थीं और इन्हीं के जरिए दोनों महिलाओं से संपर्क किया था। फिलहाल पनकी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

















