पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने छह महीने पहले विधानसभा का विशेष सत्र बुला कर जिस योजना का विरोध किया और मुंह भर-भर कर गालियां निकालीं आज उसी योजना को लागू भी कर दिया। जी हां, हम बात कर रहे हैं विकसित भारत – जीराम-जी योजना का जो मनरेगा के स्थान पर पूरे देश में लागू की गई है।
पंजाब सरकार की नजर योजना की राशि पर?
पंजाब की भगवंत मान की सरकार ने दिसंबर 2025 में विशेष सत्र बुलाकर इस योजना का विरोध किया था और आज 6 महीने बाद पंजाब की बिगड़ती अर्थव्यवस्था को देखते हुए इस योजना को लागू किया क्योंकि उन्हें पता है कि केंद्र से 700-800 करोड़ रुपये इस योजना के माध्यम से मिलेंगे।
आशंका है कि इस योजना के धन का दुरुपयोग हो सकता है। आज पंजाब पर लगभग चार लाख करोड़ से अधिक का कर्ज है और सरकार अपने सामान्य कामकाज के लिए उधार पर उधार ले रही है। कुछ समय में पंजाब में विधानसभा चुनाव हैं, ऐसे में पूरी आशंका है कि इस योजना की राशि का दुरुपयोग मुफ्तखोरी की योजनाओं में हो सकता है।
रोजगार की गारंटी बढ़ी
आज विकसित भारत जीराम-जी योजना शुरू की गई है। केंद्र सरकार ने मौजूदा मनरेगा योजना में अहम सुधार किए हैं। पहले 100 दिन के रोजगार की गारंटी थी, अब इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है, जिसमें केंद्र सरकार 60 प्रतिशत और राज्य सरकार 40 प्रतिशत योगदान देगी। ज्ञात रहे कि ग्रामीण गरीबों के लिए नरेगा योजना बनाई गई, जो बाद में मनरेगा बनी लेकिन वह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई थी और गरीबों को विकास का लाभ नहीं मिल पाया।
इसीलिए प्रधानमंत्री ने कड़े कानून बनाए, जिनके तहत अगर सरकार मजदूरों को काम नहीं दे पाती है, तो उन्हें मुआवजा देना अनिवार्य है, अब ग्रामीण गरीबों को रोजगार मिलेगा और गांवों का विकास होगा। सरकार ने यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए हैं कि गांव आत्मनिर्भर बनें और उनमें रोजगार के अवसर पैदा हों।














