किशनगंज जिले में ठाकुरगंज प्रखंड क्षेत्र के डांगबाड़ी में संचालित एक निजी शिक्षण संस्थान को लेकर स्थानीय स्तर पर विवाद गहराने लगा है। ग्रामीणों ने विद्यालय की गतिविधियों, संचालन व्यवस्था और शैक्षणिक प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ग्रामीणों ने विद्यालय की गतिविधियों पर उठाए सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि केरल की एक संस्था द्वारा संचालित एचआरडीएफ पब्लिक स्कूल में नियमित स्कूली शिक्षा के अलावा अन्य मज़हबी (यानी मदरसे की तर्ज पर) गतिविधियां भी संचालित होने की चर्चा है। लोगों का कहना है कि विद्यालय में नामांकित बच्चों के लिए कथित रूप से यूनिक पब्लिक स्कूल, पौआखाली, किशनगंज के नाम से स्थानांतरण प्रमाण-पत्र (टीसी) जारी किए जाने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
जनजाति समुदाय के बच्चों को लेकर भी लगाए गए आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार, संस्था की गतिविधियों को लेकर क्षेत्र में लंबे समय से चर्चा चल रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जनजाति समुदाय के बच्चों को विशेष रूप से विद्यालय में प्रवेश देकर उन्हें एक विशेष मज़हबी शिक्षा देने की बात सामने आ रही है।
विद्यालय की मान्यता और फंडिंग की जांच की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय की मान्यता, संचालित पाठ्यक्रम, बच्चों को दी जा रही शिक्षा, संस्था की वित्तीय व्यवस्था और फंडिंग के स्रोतों की गहन जांच कराई जाए। लोगों का कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
बाहरी आर्थिक सहायता को लेकर भी उठे सवाल
क्षेत्र में संस्था को बाहरी स्रोतों से आर्थिक सहायता मिलने की चर्चाओं के बीच ग्रामीणों ने वित्तीय स्रोतों और उनके उपयोग की भी पारदर्शी जांच की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी मजहब या समुदाय के खिलाफ माहौल बनाना नहीं, बल्कि क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना है।
विधायक गोपाल अग्रवाल ने कही यह बात
मामले को लेकर क्षेत्रीय विधायक गोपाल अग्रवाल ने कहा कि यह विषय उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से बातचीत की गई है। विधायक ने कहा कि मामला संवेदनशील है और यदि किसी शिक्षण संस्थान में नियमों के विरुद्ध गतिविधियां पाई जाती हैं तो प्रशासन जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेगा।
प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं सभी की नजरें
फिलहाल सभी की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी हुई है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि डांगबाड़ी स्थित इस संस्थान की वास्तविक गतिविधियां क्या हैं और लगाए जा रहे आरोपों में कितनी सच्चाई है।















