केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने तीन-भाषा नीति को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इन नए नियमों का उद्देश्य छात्रों पर पढ़ाई और परीक्षाओं का अतिरिक्त दबाव कम करना है। बोर्ड के इस फैसले से लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों को राहत मिली है। खास बात यह है कि मौजूदा कक्षा 10 के छात्रों पर यह नई व्यवस्था लागू नहीं होगी। वहीं अभी कक्षा 7, 8 और 9 में पढ़ रहे विद्यार्थियों को भविष्य में तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी पड़ेगी। यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत लिया गया है।
10वीं में कोई बदलाव नहीं, कक्षा 7–9 को बड़ी राहत
सीबीएसई ने साफ किया है कि इस समय कक्षा 10 में पढ़ रहे छात्रों की बोर्ड परीक्षा पहले की तरह ही होगी। उनके लिए किसी नए नियम में बदलाव नहीं किया गया है। यानी वे पहले से तय पाठ्यक्रम के अनुसार ही अपनी तैयारी जारी रख सकते हैं और उन्हें किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। वहीं, अभी कक्षा 7, 8 और 9 में पढ़ रहे छात्रों को सबसे बड़ी राहत मिली है। जब ये विद्यार्थी आगे चलकर 10वीं बोर्ड में पहुंचेंगे, तब उन्हें तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। इससे छात्रों का परीक्षा का दबाव कम होगा और वे गणित, विज्ञान तथा सामाजिक विज्ञान जैसे मुख्य विषयों पर बेहतर तरीके से ध्यान दे सकेंगे।
नई गाइडलाइंस में उन छात्रों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है, जिन्होंने पहले से दो विदेशी भाषाओं का चयन किया हुआ है। ऐसे छात्र अपनी दोनों विदेशी भाषाओं की पढ़ाई जारी रख सकते हैं। हालांकि, उन्हें इसके साथ एक भारतीय भाषा भी पढ़नी होगी। इसका उद्देश्य भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देना और छात्रों को अपनी भाषा और संस्कृति से जोड़कर रखना है। सीबीएसई ने यह भी भरोसा दिलाया है कि नई नीति के अनुसार पढ़ाई के लिए जरूरी किताबें और अध्ययन सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जाएगी। इससे स्कूलों, शिक्षकों और छात्रों को नए नियमों को समझने और लागू करने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।











