केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 12 की री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया को लेकर एक छात्र वेदांत श्रीवास्तव और बोर्ड के बीच विवाद सामने आया है। यह मामला सोशल मीडिया से शुरू होकर अब आधिकारिक बयान तक पहुंच चुका है। दोनों पक्षों के दावों में काफी अंतर देखने को मिल रहा है।
वेदांत श्रीवास्तव का री-इवैल्यूएशन पर विवाद और आरोप
पूरा मामला तब शुरू हुआ जब वेदांत श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर एक वीडियो साझा किया। उन्होंने कहा कि री-इवैल्यूएशन के बाद उनके अंकों में केवल दो नंबर की बढ़ोतरी हुई है। उनके अनुसार, कंप्यूटर साइंस और गणित में सिर्फ एक-एक अंक बढ़ा, जबकि फिजिक्स के नंबरों में कोई बदलाव नहीं किया गया। छात्र ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने कुल 11 सवालों के री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया था, लेकिन परिणाम उनकी उम्मीद के अनुसार नहीं आया। उन्होंने यह भी दावा किया कि शुरुआत में उन्हें फिजिक्स की जो आंसर शीट दिखाई गई थी, वह उनकी लिखावट से मेल नहीं खाती थी। बाद में सही आंसर शीट दिखाए जाने की बात भी उन्होंने कही और इसे प्रक्रिया में गड़बड़ी बताया।
दूसरी ओर, CBSE ने इन सभी आरोपों को गलत और भ्रामक बताया है। बोर्ड का कहना है कि री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार हुई है और इसमें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है। CBSE के अनुसार, छात्र के अंकों में कुल 11 नंबर की बढ़ोतरी हुई है। फिजिक्स विषय में पहले उनके 35 अंक थे, जो री-इवैल्यूएशन के बाद बढ़कर 44 हो गए। यानी केवल फिजिक्स में ही 9 अंकों का सुधार हुआ है। इसके अलावा गणित में उनके 46 अंक से बढ़कर 47 अंक हो गए, जबकि कंप्यूटर साइंस में 61 अंक से बढ़कर 62 अंक हो गए। इस तरह बोर्ड का कहना है कि तीनों विषयों को मिलाकर कुल 11 अंकों की बढ़ोतरी हुई है।










