पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान वीडियो प्रकरण में जांच लगातार तेज होती जा रही है। इस मामले में गुरुग्राम पुलिस ने मंगलवार को दो आरोपितों को गिरफ्तार किया था, जिन्हें अब अदालत में पेश करने के बाद आठ दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अंकित और अरुण के रूप में हुई है, जो क्रमश: जींद और सिरसा जिले के निवासी बताए जा रहे हैं।
पुलिस जांचेगी पूरा मामला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रिमांड अवधि के दौरान इस पूरे वीडियो प्रकरण से जुड़ी तथ्यों की गहन जांच की जाएगी। खास तौर पर यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि जिन रिपोर्टों के आधार पर यह मामला तैयार किया गया, वे कैसे और किन परिस्थितियों में बनाई गईं।
लैब आधिकारिक तौर पर पंजीकृत नहीं
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपितों द्वारा जिन दो लैब से रिपोर्ट तैयार करने का दावा किया गया है, उनमें से किसी का भी आधिकारिक पंजीकरण नहीं पाया गया है। यह तथ्य सामने आने के बाद पुलिस को संदेह है कि पूरे मामले में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।
जांच में क्राइम ब्रांच की अहम भूमिका
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच का दायरा केवल गिरफ्तार आरोपितों तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी और आवश्यकता पडऩे पर और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। इस पूरे प्रकरण की जांच क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही है। जांच टीम इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या इस नेटवर्क का संबंध दिल्ली के तिलकनगर क्षेत्र से भी जुड़ा हुआ है। इसी कारण वहां भी पुलिस टीम द्वारा जांच किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
शिकायकर्ता ने सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
इस बीच शिकायतकर्ता ने इंटरनेट सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग की है। वीडियो के सामने आने के बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सकता है। यह मामला अब केवल एक वीडियो तक सीमित न रहकर एक संभावित फर्जी रिपोर्ट और संगठित नेटवर्क की जांच में बदलता जा रहा है।














