नई दिल्ली: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर की आलोचना की है। उनका कहना है कि अगर कोई व्यक्ति शरण में आया हो तो उसकी हत्या नहीं की जानी चाहिए थी। उन्होंने इस मामले में सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की है। श्रीलंका प्रवास से लौटने के बाद पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भरत तिवारी एनकाउंटर पर अपनी बात रखी और कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी के बारे में मुझे जानकारी हुई है। वह हिंदू और सनातनी लड़का था जो हिंदुत्व और सनातन के लिए लड़ता था। प्रशासन के सामने उसने सरेंडर कर दिया था। फिर भी उस पर गोली चलाई, यह मुझे पता चला है।
गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करना था..जान नहीं लेनी थी
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति पर आरोप हैं तो उसे कानून के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करना चाहिए था। उसकी जान नहीं लेनी चाहिए थी। उन्होंने सरकार से भरत तिवारी एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जल्द बिहार जाकर भरत तिवारी के परिजनों से मिलेंगे धीरेंद्र शास्त्री
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वे जल्द ही बिहार जाकर भरत तिवारी के परिजनों से भेंट करेंगे और पीड़ित परिवार का पक्ष सुनेंगे। गौरतलब है कि भरत तिवारी एनकाउंटर का मामला बिहार में गरमाया हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने भी माना है कि इस मामले में गलती हुई है। बिहार के भोजपुर जिले के बेलौटी गांव में 17 जून को भरत भूषण तिवारी का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया था। इसके बाद से बिहार में लगातार विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। भरत तिवारी की मां के आवेदन पर तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा, शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश मालाकार समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं, घटना के बाद भरत तिवारी के पिता और भाई पर पुलिस ने एक एफआईआर दर्ज हुई है। इसके अलावा 14 नामजद सहित 50 अज्ञात पर केस दर्ज हुआ है। पुलिस का कहना है कि भरत तिवारी के एनकाउंटर के बाद उसके शव को हाईवे पर रखकर परिवार और गांव के लोगों ने प्रदर्शन किया था।











