धामी सरकार के शुरू किए गए कैंपेन के तहत, उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने दूसरे इलाकों से राज्य में ट्रांसफर हुए हथियारों के लाइसेंस की वैलिडिटी और असली होने की जांच के बाद एक और बड़ी गिरफ्तारी की है। एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि एफआईआर संख्या 213/2026 (धारा 318(4), 338, 336(3), 340, 61(2), 3(5) और 111 बीएनएस 2023 के तहत) 4 जून को उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर थाने में दर्ज की गई थी। इस मामले की जांच के दौरान उत्तराखंड एसटीएफ ने अब तक कुल 14 आग्नेयास्त्र, 355 जिंदा कारतूस और कई फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए हैं।
उन्होंने बताया कि इसी क्रम में 23 जून को काशीपुर में पंजीकृत अभियोग से सम्बन्धित मुख्य सरगना/मास्टरमाइन्ड सतानन्द शर्मा पुत्र रामाधर शर्मा निवासी- ग्राम-अनावा थाना-पुंवाया जिला-शाहजंहापुर उ0प्र0 को थाना रुद्रपुर जनपद ऊधमसिंह नगर से गिरफ्तार किया गया। एसएसपी एसटीएफ श्री सिंह ने बताया गया कि गिरफ्तार सदानंद पूर्व में भी जनपद गाजियाबाद व जनपद शाहजहाँपुर से फर्जी शस्त्र लाईसेंस में भी गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है जोकि एक आदतन अपराधी है। अभियुक्त सतानन्द शर्मा द्वारा फर्जी व कूटरचित तरीके से शस्त्र लाईसेंस तैयार कर धनराशि प्राप्त कर जनपद उधम सिंह नगर में बडी संख्या में सौरभ अग्रवाल तथा उसके भाई गौरव अग्रवाल के माध्यम से बनवाकर दिये गये हैं इसके द्वारा जो भी व्यक्तियों के लाईसेंस बनवाये गये हैं उनका जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय शाहजहांपुर में वहां काम करने वाले संविदाकर्मियों से मिलकर पुराने UIN नम्बर जिनका रिकार्ड जनपद शाहजहाँपुर से गायब हो चुका था उन्हें ऑनलाईन पोर्टल पर फर्जी तरीके से अपलोड़ करा दिया गया है।
फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
उन्होंने बताया कि इस मामले में अब तक आरोपी सतानंद शर्मा ने फर्जी तरीके से फर्जी व कूटरचित शस्त्र लाइसेंस तैयार किए हैं और पैसे लेकर सौरभ अग्रवाल व उसके भाई गौरव अग्रवाल के माध्यम से उधम सिंह नगर जिले में बड़ी संख्या में बनवाए हैं। अभियुक्त सतानन्द शर्मा द्वारा अपने बैंक खाता संख्या उपरोक्त में सौरभ अग्रवाल, मोहित अग्रवाल, करन सिंह, जतिन कांडपाल, शुभम अग्रवाल, तथा अन्य लोगों से जिनके शस्त्र लाईसेंस बनवाये गये हैं के द्वारा भी धनराशि प्राप्त की गयी है और भी अनेक लोगों की जानकारी एसटीएफ को हुयी है जिनके फर्जी शस्त्र लाइसेंस सदानंद शर्मा द्वारा बनवाये गये हैं। पूर्व में भी सतानन्द शर्मा फर्जी शस्त्र लाईसेंस बनाने में थाना कविनगर गाजियाबाद उत्तर प्रदेश से FIR NO 1681/2019 धारा 420,467,468,471,120बी भादवि तथा थाना पुहाया जनपद शाहजहाँपुर के FIR NO 635/2019 धारा 420,467,468,471 भादवि में नामजद रहा है तथा उपरोक्त अभियोगों में प्रकरण विचाराधीन न्यायालय है। एसएसपी ने बताया कि अभियुक्त सतानन्द के बैंक खाते में अवैध असलहों के कूटरचित लाईसेंस के कारोबार से करीब एक करोड सत्तर लाख की धनराशि प्राप्त हुई है। जिसे सील कर दिया गया ई है। आरोपी को आज टीम द्वारा रुद्रपुर से गिरफ्तार किया गया है पूछताछ के उपरान्त थाना काशीपुर दाखिल किया गया है।
अभियुक्त का अपराधिक इतिहास
- FIR NO 1681/2019 धारा 420,467,468,471,120बी भादवि थाना कविनगर जिला गाजियाबाद उ0प्र0
- FIR NO 635/2019 धारा 420,467,468,471 भादवि थाना पुवायां जिला शाहजहांपुर
- FIR NO 2110/2019 धारा 2/3 गैंगस्टर अधिनियम थाना कविनगर जनपद गाजियाबाद उ0प्र0
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ ने जानकारी देते हुए बताया कि एसटीएफ द्वारा राज्य में फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले की जांच की जा रही है और एसटीएफ द्वारा राज्य में इस सम्बन्ध में विभिन्न जनपदो में 03 अभियोग दर्ज कर संलिप्त 09 अभियुक्तों को जेल भेजा गया है तथा अब तक 14 अवैध शस्त्र व फर्जी लाइसेंस बरामद किये जा चुके हैं। उक्त के अतिरिक्त राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानान्तरित होकर आए हजारों शस्त्र लाइसेंसों एवं उनके धारकों का सत्यापन जारी है। जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आगे भी लगातार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक शांति एवं कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं तथा ऐसे मामलों में उत्तराखण्ड पुलिस “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।
















