नेपाल सीमा से सटे किशनगंज जिले में सुरक्षा और आर्थिक अनियमितताओं को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। जिला प्रशासन, पुलिस और विभिन्न जांच एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में जिले के 25 ऐसे दुकानों, प्रतिष्ठानों और संस्थानों को चिन्हित किया गया है, जहां वित्तीय लेन-देन, दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।
किशनगंज के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए लगातार संयुक्त जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान 25 प्रतिष्ठानों में संदिग्ध गतिविधियां सामने आई हैं। जांच में पैसे के लेन-देन, टैक्स से जुड़े मामलों और दस्तावेजों में गड़बड़ी की बात सामने आई है। एसपी संतोष कुमार ने कहा कि सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि पर रोक लगाने के लिए पुलिस और संबंधित एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हैं। चिन्हित संस्थानों की विस्तृत रिपोर्ट संबंधित विभागों को भेज दी गई है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जांच के दायरे में शिक्षा संस्थान और स्वयंसेवी संगठन
इधर जांच के दायरे में कई शिक्षा संस्थान और स्वयंसेवी संगठन (एनजीओ) भी आए हैं। इन संस्थानों में आने वाली विदेशी फंडिंग और उसके इस्तेमाल को लेकर भी जांच की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता या कानून उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित संस्थानों पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। नेपाल सीमा की खुली व्यवस्था और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए जिले में इस कार्रवाई को अहम माना जा रहा है।
भारत-नेपाल की खुली सीमा है चुनौतीपूर्ण
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष शिशिर कुमार दास ने कहा कि भारत-नेपाल खुली सीमा के कारण सुरक्षा एजेंसियों के सामने लगातार चुनौतियां बनी रहती हैं। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में संदिग्ध आर्थिक गतिविधियों, विदेशी फंडिंग और दस्तावेजों में गड़बड़ी जैसे मामलों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सीमांचल क्षेत्र में किसी भी तरह की देश विरोधी गतिविधि को रोकना प्राथमिकता होनी चाहिए। कई बुद्धिजीवियों ने भी प्रशासन की इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि संदिग्ध संस्थानों और गतिविधियों की जांच समय पर होनी चाहिए, ताकि देश की सुरक्षा और आम नागरिकों की सुरक्षा को मजबूत किया जा सके। नेपाल सीमा से जुड़े किशनगंज में प्रशासन की इस कार्रवाई ने संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों और संस्थानों में हलचल बढ़ा दी है। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।












