85 साल, 7 राज्य और 15000 करोड़ लागत वाले किशाऊ बांध 'नेशनल प्रोजेक्ट' पर काम शुरू होने की उम्मीद
September 15, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्लेषण

85 साल, 7 राज्य और 15000 करोड़ लागत वाले किशाऊ बांध ‘नेशनल प्रोजेक्ट’ पर काम शुरू होने की उम्मीद

किशाऊ बांध परियोजना पर लेटेस्ट अपडेट। 660 MW बिजली उत्पादन, 15000 करोड़ की लागत, टोंस नदी पर बनने वाला 236 मीटर ऊंचा बांध। उत्तराखंड के 9 और हिमाचल के 8 गांव प्रभावित, सिंचाई और पीने के पानी की व्यवस्था।

Written byदिनेश मानसेरादिनेश मानसेरा — edited by कुलदीप सिंह
Jun 22, 2026, 12:47 pm IST
inविश्लेषण, उत्तराखंड
Kishau Dam Project

सिरमौर जौनसार घाटी: उत्तराखंड और हिमाचल में यमुना की सहायक टोंस नदी पर प्रस्तावित किशाऊ बांध परियोजना के निर्माण की राह अब आसान हो रही है l 660 मेगावाट क्षमता की इस परियोजना के निर्माण की जद में उत्तराखंड के नौ गांव और हिमाचल के आठ गांव आएंगेl

इस परियोजना से 1379 मिलियन यूनिट बिजली का सालाना उत्पादन होगा l करीब छह हजार लोगों को अपना गांव छोड़ना होगा l

85 साल पहले एक सपना देखा गया

हालांकि, अब भी यह सपना अधूरा है जिसके पूरा होने की उम्मीद गृह मंत्री अमित शाह ने दिखाया है, कई बार दो राज्यों और केंद्र सरकार की ओर से इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए पहल हुई l लेकिन फिलहाल, अब भी यह परियोजना हकीकत से दूर है जिस पर पिचके पखवाड़े में दिल्ली में उत्तराखंड और हिमाचल के सीएम की मीटिंग में बड़ा अहम फैसला हुआ हैl

हम बात कर रहे हैं किशाऊ डैम परियोजना की, जो कि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में प्रस्तावित है l गौर रहे कि किशाऊ एशिया का दूसरा सबसे बड़ा बांध होगा और टिहरी डैम नंबर एक पर है, जिसकी उंचाई 260 मीटर हैl

कितना पुराना है ये प्रोजेक्ट

दरअसल, हिमाचल प्रदेश के सिरमौर और उत्तराखंड के देहरादून जिले की सीमा पर साल 1940 में किशोऊ बांध परियोजना के बारे में पहली बार विचार आया था l उस समय ये क्षेत्र महा पंजाब का हिस्सा था और दूसरी ओर यूपी का हिस्सा था। पंजाब सरकार ने 1944-45 में प्रोजेक्ट साइट पर सर्वे शुरू किया l हालांकि, साल 1946 में सरकार ने कई कारणों से सर्वे को रोक दिया l फिर करीब 16 साल तक यह सर्वे ठंडे बस्ते में पड़ा रहा l

उत्तर प्रदेश सरकार ने साल 1962 में सर्वे दोबारा शुरू किया और 1965 में प्रोजेक्ट की शुरुआती प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाई गई l इस प्रोजेक्ट रिपोर्ट में कहा गया कि डैम की ऊंचाई 235 होगी l सरकार ने रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी और 1965 में इस प्रोजेक्ट को पंचवर्षीय योजना में शामिल किया गया l

आर्क डैम बनाने का सुझाव

परियोजना की डीपीआर का अवलोकन करने के बाद जल कमीशन ने महसूस किया कि किशाउ गांव के पास परियोजना में गड़बड़ी है और सुझाया गया कि रॉकफिल डैम के बजाए आर्क डैम बनाया जाए l उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग की तरफ से 1970 में फिर दोबारा सर्वे शुरू किया गया l 1978 में डीपीआर बनाई गई और रॉकफिल डैम का प्रस्ताव केंद्रीय जल कमीशन को सौंपा गया l हालांकि, कमीशन ने फिर डीपीआर को देखकर माना कि रॉकफील डैम के लिए यह साइट सही नहीं है l

इसमें जियोग्राफिकल परेशानियां है और ऐसे में कमीशन ने किशाऊ गांव के पास इस परियोजना की साइट को खारिज कर दिया और कहा कि अटाल, संभरखेड़ा और मोराड़ के पास साइट का चयन किया जाए l इसके बाद संबरखेड़ा की साइट को 236 मीटर ऊंचा बांध बनाने के लिए सही पाया गया l

1965 में इस परियोजना को पंचवर्षीय योजना में शामिल किया

सरकार ने रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी और 1965 में इस प्रोजेक्ट को पंचवर्षीय योजना में शामिल किया गयाl किशाऊ बांध परियोजना की वेबवसाइट के अनुसार, संबरखेडा स्थान के लिए 1988 में डीपीआर बनाई गई, जो कि दोबारा 1998 में उत्तर प्रदेश सरकार ने रिवाइज की और केंद्रीय जल आयोग को सौंपी गईl अब हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सरकार की तरफ से इस प्रोजेक्ट की देखरेख की जा रही है क्योंकि उत्तराखंड उत्तर प्रदेश से अलग राज्य बन चुका है। इसे लेकर 2017 में किशाऊ बांध कोर्पोरेशन लिमिटेड नाम से कंपनी बनाई गई l फिलहाल, अब भी इस परियोजना की साइट को लेकर विशेषज्ञ मंथन जारी है l

किशाऊ बांध परियोजना किस नदी पर बन रही है ?

किशाऊ बांध परियोजना टौंस नदी पर प्रस्तावित है l जो कि हिमाचल और उत्तराखंड को विभाजित करने वाली बड़ी नदी है। जमुना में ये नदी हरीपुर कालसी में जमुना जी में जाकर मिल जाती है। इस परियोजना से 660 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा l इस परियोजना के बनने से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को फायदा होगा l

किशाऊ बांध परियोजना पर कितना खर्च आएगा ?

किशाऊ बांध परियोजना के लिए करीब 11500 करोड़ रुपय़े की लागत आएगी हालांकि, इसमें अलग  से भी काफी खर्चें होंगे l
2018 में केंद्रीय जल आयोग ने इसकी 11500 करोड़ लागत का अनुमान लगाया था l हालांकि, अब 2026 में यह लागत करीब 15000 करोड़ पहुंच गई है, करीब 236 मीटर ऊंचा यह बांध प्रस्तावित है l

किशाऊ बांध परियोजना से क्या फायदा होगा ?

किशाऊ बांध परियोजना से 97076 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था होगी l साथ ही पीने के लिए 617 MCM पानी उपलब्ध होगा l गौर रहे इस परियोजना में उत्तराखंड की 1452 हेक्टेयर और 1498 हेक्टेयर  जमीन हिमाचल प्रदेश की डूब क्षेत्र  में आ जाएगी  l योजना के चलते उत्तराखंड के 9 गांव और हिमाचल के 8 गांव पानी में डूब जाएंगे, और दोनों राज्यों के कुल 5484 लोग प्रभावित होंगे l

किशाऊ बांध परियोजना क्यों अटकी थी ?

हिमाचल प्रदेश में बीती भाजपा सरकार ने योजना में 800 करोड़ खर्च करने की हामी भरी थी l लेकिन अब अमित शाह के साथ मीटिंग में सीएम सुक्खू अपनी शर्तें मनवाने में कामयाब हुए हैं और आठ साल से चल रहा वित्तीय विवाद सुलझ गया है l ऐसे में अब हिमाचल प्रदेश परियोजना में पैसा खर्च नहीं करेगा.दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा हिमाचल की 2,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत को वहन करेगा l वहीं, हिमाचल और उत्तराखंड को बिजली से सालाना आय होगी और 100 करोड़ बिजली यूनिट भी मिलेंगी l इसी मुद्दे पर बीते 8 साल से बात अटकी थी l

कब तक बन पाएगा बांध ?

इस परियोजना के लिए फिलहाल 8.10 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं और परियोजना का आगाज होने के बाद 96 महीने में इसे पूरा करने की डेडलाइन है l जून 2015 में हिमाचल और उत्तराखंड सरकार के बीच अनुबंध हुआ था l इस परियोजना में करीब 32 किमी लंबी झील बनेगी l जिससे पर्यटन भी बढ़ेगा, गौर रहे कि इस परियोजना का  वामपंथी और जनजाति संगठन विरोध भी लोग कर रहे हैं l उल्लेखनीय है कि ये जौनसार और सिरमौर घाटी जनजाति बाहुल्य क्षेत्र है।

जानकारी के मुताबिक फरवरी 2026 में हिमाचल सरकार ने इस परियोजना में आगे बढ़ने से इंकार कर दिया था और सीएम सुक्खू ने कहा था कि हिमाचल प्रदेश को भाखड़ा बांध का लंबित एरियर नहीं मिला है और ऐसे में वह इस परियोजना में आगे नहीं बढ़ेंगे l हालांकि, गौर रहे कि 2008 में इस प्रोजेक्ट को नेशनल प्रोजेक्ट का दर्जा दिया गया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा में शामिल है। गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई बैठक में हिमाचल की कांग्रेस शासित सहित राजस्थान हरियाणा  दिल्ली यूपी और उत्तराखंड बीजेपी शासित राज्यों ने इस प्रोजेक्ट पर आगे बढ़ने का निर्णय लिया है जिसके बाद से जौनसार और सिरमौर घाटी में खासी हलचल देखी जा रही है।

Topics: किशाऊ बांध परियोजनाकिशाऊ डैम सिरमौरटोंस नदी बांधजौनसार घाटी किशाऊ बांधउत्तराखंड हिमाचल बांध परियोजना
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

किशाऊ बांध परियोजना के संबंध में महत्वपूर्ण बैठक करते गृहमंत्री अमित शाह

किशाऊ बांध परियोजना पर राज्यों में बनी सहमति, अमित शाह की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक

किशाऊ बांध परियोजना पर सीएम जयराम ठाकुर ने रखा हिमाचल का पक्ष, कहा- इनपुट पॉवर लागत को स्थिर रखने का किया आग्रह

Load More

ताज़ा समाचार

जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में सोमवार को राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव 2026 के शानदार परिणामों का जश्न मनाते मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़।

राजस्थान निकाय चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत: PM मोदी बोले- डबल इंजन सरकार के सुशासन और विकास पर जनता की मुहर

देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र

UCC : महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता लागू करने की तैयारी

भगवान शिव और माता पार्वती (फोटो- एआई द्वारा निर्मित)

हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का दुर्लभ महासंयोग : जब श्रीकृष्ण ने राधा को बताया शिव-शक्ति का अटूट प्रेम

जयदीप राय को हिंदी सेवा सम्मान 2026 प्रदान करतीं नोएडा की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह। साथ में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राणा प्रताप सिंह।

भारतीय भाषा अभियान के राष्ट्रीय संयोजक जयदीप राय को ‘हिंदी सेवा सम्मान 2026’

शिकायतकर्ता से सीधे बात करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।

सीएम धामी ने अफसरों के सामने शिकायतकर्ता को लगाई कॉल, तुरंत कार्रवाई के दिए निर्देश

प्रतीकात्मक तस्वीर

जम्मू, हिमाचल और उत्तराखंड में 15 सितंबर को कहां -कहां होगी बारिश? IMD ने अलर्ट जारी कर बताया

बंगाल में लेनिन, मार्क्स और हो ची मिन्ह सड़कों के बदलेंगे नाम, वामपंथियों का खत्म होगा नामोनिशान

मोहम्मद शमी और कैफ

क्रिकेटर मोहम्मद शमी के भाई मोहम्मद कैफ के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चांदी का मुकुट लौटाया, कहा- गरीब मां-बाप की बेटी के लिए पायल बनवा देना

चीन से मुकाबला करती भारतीय महिला हॉकी टीम

चीन को हराकर भारत बना जूनियर एशिया कप चैंपियन: सनिका माने के गोल से जीती भारतीय महिला टीम, रचा इतिहास

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies